हेमकुंड साहिब में अभी लगभग नौ फीट और आस्था पथ पर छह फीट बर्फ जमी है। इस बार हेमकुंड साहिब के कपाट 10 मई को खुल रहे हैं, जबकि पिछले सालों तक कपाट एक 25 मई को खुलते थे, जिससे सेना के जवानों के समक्ष समय पर बर्फ हटाना चुनौती बना है।
17 मार्च को सेना के जवान बर्फबारी की स्थिति का जायजा लेने के लिए हेमकुंड साहिब गए थे और रविवार को जोशीमठ लौट आए हैं। गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि पिछले दस सालों से 418 इंडीपेंडेंट इंजीनियरिंग कोर के जवान हेमकुंड साहिब और आस्था पथ से बर्फ हटाने का कार्य करते हैं। इस बार पांच अप्रैल से बर्फ हटाने का काम शुरू हो जाएगा। सेना के कर्नल आरएस पुंडीर ने पांच मई तक आस्था पथ से बर्फ को हटाकर आवाजाही शुरू करने का आश्वासन दिया है।