उत्तराखंड में बारिश के चलते 163 मोटर मार्ग बंद हैं। टिहरी में लंबगांव मोटना रजाखेत मोटर मार्ग का कुछ हिस्सा बह गया है। चमोली जिले में रुप्रद्रयाग-पोखरी गोपेश्वर और थराली-देवाल-मुंदोली-वाण मोटर मार्ग भी बंद हो गया है। जिससे पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। राज्य आपदा परिचालन केंद्र के मुताबिक प्रदेश में बंद मार्गों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग के तहत कुल 398 मशीनें बंद मार्गों को खोलने के लिए लगाई गई हैं। अधिकतर मशीनों में एआईएस मॉडल जीपीएस स्थापित किया गया है जबकि ऊर्जा विभाग की ओर से राज्य के अधिकतर जिलों में बिजली आपूर्ति सुचारु है, जिला पिथौरागढ़ तहसील-बेरीनाग में ग्राम बांसपटान क्षेत्र के तहत और धारचूला में भारी बारिश के कारण कुछ गांव जैसे- हुनेरा, खुमती, तालीकांड व ढीलम आदि में विद्युत आपूर्ति बाधित है।
विद्युत विभाग की ओर से इन गांवों में विद्युत आपूर्ति सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है। परिचालन केंद्र की ओर से बताया गया है कि प्रदेश मेें 103 गांवों में विद्युत व्यवस्था बाधित हुई थी, जिसमें से 94 गांवों की विद्युत व्यवस्था सुचारु कर दी गई है। इसके अलावा पेयजल निगम की ओर से मानसून अवधि में प्रभावित 65 योजनाओं को सुचारु कर दिया गया है।
एसडीआरएफ टीम ने जगह-जगह किए राहत एवं बचाव कार्य
प्रदेश में एसडीआरएफ टीम ने जगह-जगह राहत एवं बचाव कार्य किए। बदरीनाथ धाम में एक व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब होने पर एसडीआरएफ ने उसे प्राथमिक उपचार देकर उसे अस्पताल पहुंचाया जबकि नीलकंठ में भी एक कांवड़िये का स्वास्थ्य खराब होने पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया है।
तिलवाड़ा रुद्रप्रयाग में एक कार दुर्घटना होने पर एसडीआरएफ टीम ने 200 मीटर गहरी खाई से घायल को निकालकर अस्पताल भिजवाया। कॉडियाला में पूर्व में डूबे व्यक्ति की तलाश की जा रही है। बैरागी कैंप हरिद्वार में एक कांवडिये के नदी में डूबने पर एसडीआरएफ की टीम ने उसे सुरक्षित बाहर निकाला। भटवाड़ी उत्तरकाशी में भूस्खलन होने से मार्ग बंद है। इसके अलावा कांगड़ा घाट पर नहाते समय डूबने पर दो कांवडियों को बचाया गया।