275 सड़कें अब भी बंद
प्रदेश में भारी बारिश के बाद बंद हुई सड़कों को खोलने के लिए सोमवार को 232 जेसीबी मशीनों को लगाया गया, लेकिन पूरे दिन की मेहनत के बाद 100 सड़कों को खोलने में ही कामयाबी मिल पाई। अभी भी 275 सड़कें बंद हैं।
लोनिवि की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में 263 सड़कें एक दिन पहले से बंद थीं। सोमवार को 112 सड़कें और बंद हुईं। कुल 375 बंद सड़कों में से सोमवार शाम तक सौ सड़कों को ही खोला जा सका था। लोनिवि के प्रमुख अभियंता दीपक यादव ने बताया कि प्रदेश में नौ स्टेट हाईवे, छह मुख्य जिला मार्ग, चार जिला मार्ग, 128 ग्रामीण सड़कें और 128 पीएमजीएसवाई की सड़कें बंद हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिकता के आधार पर सड़कों को खोलने की कार्रवाई की जा रही है।
आपदा में राहत बचाव कार्य के लिए गढ़वाल व कुमाऊं में हेलिकॉप्टर तैनात
प्रदेश सरकार ने मानसून सीजन में आपदा के दौरान राहत व बचाव कार्यों के लिए गढ़वाल और कुमाऊं में हेलिकॉप्टर तैनात कर दिए गए हैं। बीते दिनों कुमाऊं क्षेत्र के बुंदी गांव से गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को हेलिकॉप्टर से पिथौरागढ़ पहुंचाया गया। जबकि हरिद्वार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर से राहत सामग्री व दवाइयां पहुंचाई गई।
बरसात के मौसम में होने वाली प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए सरकार ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में राहत व बचाव कार्यों के लिए हेलिकॉप्टर तैनात कर दिए हैं। इन हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल आपदा के समय घायलों और फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री ले जाने के लिए किया जाएगा।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के संचालन प्रभारी समीर सिंह ने बताया कि 13 व 14 जुलाई को प्रदेश में हुई भारी बारिश में हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया है। कुमाऊं क्षेत्र में बुंदी गांव से एक बीमार व्यक्ति को हायर सेंटर पहुंचाया गया। जबकि हरिद्वार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर से राहत सामग्री व दवाइयों के पैकेट वितरित किए गए।