यमुनोत्री हाईवे पर आज बुधवार को सिलाई बैंड, स्याना चट्टी, जंगल चट्टी और फूलचट्टी के पास आवाजाही को सुरक्षित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। निर्माण कार्य एजेंसी के पीएम गोपाली श्रीनिवासुलू रेड्डी ने बताया कि फूलचट्टी में सिकिंग जोन के चलते आरबीएम बिछाया जा रहा है। स्याना चट्टी में वायरक्रेट भरकर मार्ग को सुरक्षित आवागमन लायक बनाया जा रहा है। वहीं सिलाई बैंड में चट्टान की कटिंग कर आवाजाही को सुरक्षित बनाया गया है।
जनपद में लगातार हो रही बारिश के चलते मंगलवार को गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। गंगोत्री हाईवे पर नेताला, धरासू पुल, नालूपानी और नगुण के समीप भूस्खलन व मलबा आने से यात्रियों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा। नगुण के समीप दोपहर बाद सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आने के कारण हाईवे देर शाम तक भी नहीं खुल सका।
करीब दो घंटे बाद यातायात सुचारू
गंगोत्री हाईवे पर मंगलवार सुबह नेताला व धरासू पुल के समीप भूस्खलन होने से आवाजाही बंद हो गई। बीआरओ की टीम ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाया, जिसके करीब दो घंटे बाद यातायात सुचारू किया जा सका। इसके बाद नालूपानी में भी सुबह और दोपहर के समय भूस्खलन प्रभावित जोन में मलबा आने से कई घंटे यातायात बाधित रहा। बीआरओ ने मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्ग को दोबारा खोल दिया।
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वहीं, नगुण के समीप दोपहर बाद अचानक मलबा गिरने से गंगोत्री हाईवे पूरी तरह बंद हो था जिससे दोनों ओर यात्री वाहन फंस गए। हाईवे खोलने के लिए बीआरओ ने पनियाली से एक मशीन मौके पर भेजी और देर शाम तक हाईवे बहाल हो पाया। उधर, यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा सुरंग के सामने पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ।
पेड़ हटाए जाने के बाद शाम तक मार्ग को आवाजाही के लिए खोल दिया गया। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां चेतावनी के स्तर के करीब बह रही हैं। जलस्तर बढ़ने के कारण नदी के किनारे वाले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।