प्रदेश 14 राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 726 मुख्य मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जिनके मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन से बाधित होने की संभावना है। विभाग ने इन मार्गों के बाधित होने पर 267 मार्ग चिन्हित किए हैं। इन मार्गों से होकर यात्री अपने गंत्वय तक पहुंच सकेंगे।
उत्तराखंड में जून महीने के आखिरी हफ्ते में मानसून आने की संभावना है। हर बार की तरह इस बार भी मानसून लोक निर्माण विभाग की परीक्षा लेगा। विभाग ने मानसून पूर्व तैयारी के लिए रोडमैप बना लिया है। विभाग ने एक एसओपी बनाई है जिसमें नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे व प्रमुख जिला मार्गों के बाधित होने पर वैकल्पिक मार्ग चिन्हित किए गए हैं।
मानसून में अकसर अवरुद्ध होने वाले 14 राष्ट्रीय राजमार्गों से बाहर निकलने के लिए 47 मार्ग चिह्नित किए गए हैं। इसी तरह 712 प्रमुख मार्गों के स्थान पर 220 वैकल्पिक मार्गों की सूची तैयार की गई है। इन सभी मार्गों को बरसात से पहले दुरुस्त रखने को कहा गया है। विभाग के सभी इंजीनियरों को कार्ययोजना भेज दी गई। उन्हें इसके हिसाब से तैयारी रखने को कहा गया है।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर तैनात होगी 60 मशीनें
राष्ट्रीय राजमार्गों से मलबा हटाने के लिए विभाग 60 मशीनें तैनात करेगा। मानसून में संवेदनशील माने जाने वाले अन्य मार्गों पर कुल 158 मशीनें लगाई जाएंगी। इनके लिए निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं।
यात्रा मार्गों के खंडों में इंजीनियरों को वॉकी टॉकी
केदारनाथ धाम, यमुनोत्री धाम, कैलाश मानसरोवर यात्रा व हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए संबंधित खंडों के इंजीनियरों को विभाग ने 20 वॉकी-टॉकी उपलब्ध करा दिए हैं।