वहीं बड़ेथी से नगुण तक करीब सात किमी क्षेत्र में टिहरी झील के बढ़ते जलस्तर के साथ ही भू-धंसाव का खतरा शुरू हो जाता है जिसके लिए कई बार सुरक्षात्मक कार्य करने की मांग की गई। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जल्द ही टीएचडीसी सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं करती है तो स्थानीय जनता को उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। धरासू थानाध्यक्ष राजेंद्र पुजारा ने बताया कि भू-धंसाव वाले क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही बंद करवा दी गई है। वहीं इस संबंध में संबंधित विभागों को भी सूचना दी गई है।
बिशनपुर में पहाड़ी से गिर रहे बोल्डरों से गंगोत्री हाईवे पर आवाजाही बनी खतरनाक
गंगोत्री हाईवे पर बिशनपुर सैंज के पास खुले मौसम में पहाड़ी से गिर रहे बोल्डर वाहनों के लिए खतरा बने हुए हैं। रविवार को बिशनपुर में बोल्डर गिरने के कारण करीब आधे घंटे आवाजाही बंद रही। रविवार दोपहर बाद बिशनपुर सैंज के समीप अचानक पहाड़ी से बोल्डर गिरने लगे। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने वहां पर आधे घंटे आवाजाही रोककर रखी। स्थानीय निवासी विनोद राणा का कहना है कि पहाड़ी से गिर रहे बोल्डर कभी भी किसी बड़े हादसे को अंजाम दे सकते हैं।
वहीं दूसरी ओर यमुनोत्री हाईवे पर मौसम खुलने के बाद भी जंगलचट्टी, फूलचट्टी सहित असनोल गाड़ के समीप पास एनएच विभाग ने हाईवे से मलबा नहीं हटाने के कारण आवाजाही में खतरा बना हुआ है। आधी सड़क पर मलबा पसरा हुआ है तो वहीं दूसरी ओर आधी सड़क कीचड़ में तब्दील है। बावजूद इसके विभाग सुध नहीं ले रहा है।
बीडीसी सदस्य अरविंद रावत, जयपाल सिंह रावत का कहना है कि एसडीएम ने 30 अगस्त तक सभी व्यवस्थाओं का दुरूस्त करने के निर्देश दिए थे लेकिन विभाग शायद यहां पर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल का कहना है कि गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे से संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि हाईवे पर वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए।