अक्तूबर-नवंबर में किसान बगीचों में सेब के पेड़ों के नीचे गोबर के साथ ही कटाई-छंटाई का कार्य करते हैं। जिसके लिए नमी की जरूरत होती है, लेकिन रवाईं घाटी में बीते ढाई महीने से बारिश नहीं होने के कारण सूखे के हालात पैदा हो गए हैं। नमी गायब होने से किसान बागवानी संबंधी कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
स्योरी फल पट्टी के गजेंद्र नौटियाल, राकेश शारदा, विजय बंधानी का कहना है कि सूखे के कारण बागवानी संबंधी कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
इस वर्ष सेब की फसल ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई और अब आगामी फसल पर सूखे से संकट मंडरा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डा. पंकज नौटियाल ने स्वीकारा कि इस सीजन में सेब के लिए बारिश जरूरी है। इससे सेब की न्यूनतम अवशीतन आवश्यकता की पूर्ति भी प्रभावित होगी।