बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में भी बृहस्पतिवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई। जिससे मौसम में ठंडक आ गई है। जोशीमठ में भी करीब आधा घंटे तक बारिश हुई। दोपहर बाद से बदरीनाथ धाम में मौसम खराब है, जिससे धाम के साथ ही निचले क्षेत्रों में मौसम में ठंडक आ गई है।
बदरीनाथ धाम में सुबह चटख धूप खिली थी, लेकिन दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ मौसम ने करवट बदली और करीब दस मिनट तक धाम में आंशिक बर्फबारी हुई। बदरीनाथ में मौसम खराब होने से गोपेश्वर, पीपलकोटी, नंदप्रयाग क्षेत्रों में भी शाम को ठंडी हवाएं चलीं और मौसम में ठंडक आ गई है। वहीं, हेमकुंड साहिब में सुबह से ही बादल छाए हुए थे। दोपहर बाद हेमकुंड साहिब में भी सीजन की पहली बर्फबारी हुई। जिससे गोविंदघाट क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है।
यमुना घाटी में भी बर्फबारी से ठंड का आगाज
यमुनोत्री और गंगोत्री धाम से लगी चोटियों पर भी हल्की बर्फबारी से तापमान में गिरावट आ गई है। यात्रा पर पहुंचे तीर्थयात्रियों को यहां कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। शाम के समय उत्तरकाशी जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम से लगी चोटियों पर हल्की बर्फबारी होने से तापमान में गिरावट आ गई है।
घाटी वाले क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 19 डिग्री तथा न्यूनतम 11 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में अधिकतम तापमान 11 डिग्री और न्यूनतम 3 डिग्री रहा।
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर तोताघाटी में भूवैज्ञानिकों ने जिन लूज बोल्डरों को हटाने का सुझाव दिया था। उन्हें हटा दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट एसडीएम कीर्तिनगर को भेजी जा रही है। हालांकि वाहनों के संचालन के लिए शुक्रवार को हाईवे की स्थिति देखने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
छह माह से अवरुद्ध चल रहे तोताघाटी को लोनिवि ने 16 अक्तूबर की शाम खोल दिया था, लेकिन यहां खतरा देख प्रशासन को दोबारा हाईवे बंद करना पड़ा। आल वेदर रोड परियोजना के टीम लीडर जेके तिवारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को तोताघाटी में खतरा बनी चट्टानों को हटाने का काम लगभग पूरा किया जा चुका है। इस संबंध में एसडीएम कीर्तिनगर को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
इधर, एसडीएम आकांक्षा वर्मा ने बताया कि चार शर्तों पर ही कौड़ियाला से देवप्रयाग के बीच यातायात बहाल करने की अनुमति दी जाएगी। लोनिवि को हाईवे से मलबा और पत्थर हटाने होंगे। जहां सड़क की चौड़ाई से 3 से 4 मीटर है, वहां कम से कम चौड़ाई 6 मीटर करनी होगी। शुक्रवार को हाईवे की स्थिति देखने के बाद फिलहाल छोटे वाहनों के संचालन की अनुमति दी जाएगी, वो भी सुबह 5 बजे से रात की सात बजे तक ही।