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Uttarakhand Weather: देहरादून-मसूरी मार्ग 48 घंटे से बंद, लगातार भूस्खलन होने से लोगों को लौटाया

Wed, 02 Sep 2020 12:10 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला (File Photo)
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मसूरी देहरादून मार्ग गलोगी पावर हाउस के पास पिछले 48 घंटे से लगातार बंद है। जिस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मसूरी देहरादून जाने के लिए लोग मसूरी देहरादून से किमाड़ी मार्ग का प्रयोग तो कर रहे हैं लेकिन वह भी काफी खराब हालात में है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मार्ग बंद होने की वजह से पुलिस मसूरी आने वालों को कुठाल गेट के पास ही रोक रही है।

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मसूरी कोतवाल देवेंद्र असवाल के नेतृत्व में क्षतिग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि लगातार भूस्खलन हो रहा है। लोक निर्माण विभाग की टीमें मलबा हटाकर मार्ग खोलने में लगी हैं, लेकिन भूस्खलन बंद न होने की वजह से रास्ता नहीं खुल पाया है। खबर लिखे जाने तक रास्ता नहीं खुल पाया था। बता दें कि मसूरी-दून मार्ग रविवार की रात नौ बजे से भूस्खलन के कारण पूरी तरह से बंद है।

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बरसाती पानी पी रहे सोलनू व मंजीरा के 35 परिवार

गुप्तकाशी में कालीमठ घाटी के कोटमा ग्राम पंचायत के सोलनू व मंजीरा तोक के 35 परिवार दो माह से बरसाती पानी पीने को मजबूर हैं। गांवों की पेयजल लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त है, लेकिन मरम्मत व पुनर्निर्माण के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं।

सोलनू व मंजीरा के लिए लगभग एक दशक पूर्व स्पेशल कंपोनेंट्स प्लान में पेयजल लाइन का निर्माण किया गया था, लेकिन उसके बाद योजना की सुध नहीं ली गई, जिस कारण यह जर्जर होती गई। दो माह पूर्व तेज मूसलाधार बारिश से जगह-जगह हुए भूस्खलन के कारण पेयजल योजना स्रोत से लेकर गांव तक कई स्थानों पर टूट चुकी है।

क्षेत्र पंचायत सदस्य सोमेश्वरी देवी, प्रधान आशा देवी, सामाजिक कार्यकर्ता ओम प्रकाश भट्ट, संदीप भट्ट, कुलदीप शाह, रामलाल आर्य ने बताया कि क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन के बारे में प्रशासन व संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।

इधर, जलसंस्थान के ईई संजय सिंह ने बताया कि बरसात से काफी योजनाओं को क्षति पहुंची हैं, जिनकी स्थायी मरम्मत व पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। हरसंभव प्रयास हो रहा है कि प्रभावित गांवों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पानी मिल सके।
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