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Weather Today: तीन दिन से बंद मूसरी-देहरादून मार्ग खुला, शाम सात से सुबह सात बजे तक आवाजाही पर प्रतिबंध

Wed, 02 Sep 2020 05:05 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मूसरी
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dehradun mussoorie Road - फोटो : अमर उजाला
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लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण पिछले तीन दिन से बंद देहरादून मसूरी मार्ग को बुधवार शाम खोल दिया गया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा चार जेसीबी के माध्यम से सड़क पर आए मलबे और पत्थर को हटाकर मार्ग को खोला गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।

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लेकिन अभी भी लगातार पहाड़ से पत्थर और मलवा गिर रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर बारिश होती है तो एक बार फिर मार्ग बंद हो सकता है फिलहाल मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। 
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वहीं, मसूरी-देहरादून मार्ग पर गलोगी पावर हाउस के पास हुए भूस्खलन के बाद भी लगातार आ रहे मलबे और पत्थर को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने शाम को सात बजे से लेकर सुबह सात बजे तक सड़क बंद करने का निर्णय लिया है। 

मसूरी कोतवाल देवेंद्र असवाल ने बताया कि पहाड़ से लगातार आ रहे मलबे और पत्थर से कभी भी दुर्घटना हो सकती है, इसलिए एहतियातन इस मार्ग पर आवाजाही बंद की गई है। 

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रुद्रप्रयाग : कोट बिचला गांव के 40 परिवारों की विस्थापन की मांग

अगस्त्यमुनि ब्लॉक के रानीगढ़ पट्टी के कोट बिचला गांव के 40 परिवार कई दिनों से रतजगा को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने की मांग की है। इस संबंध में उत्तराखंड शासन को ज्ञापन भी भेजा गया है।

23/24 अगस्त को हुई मूसलाधार बारिश से हुए भूस्खलन के कारण गांव के 40 परिवारों के आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं। बिंदीलाल शाह, सुरेंद्र लाल, रमेश लाल, श्याम लाल, गिरीश लाल, भवानी देवी, सत्येश्वरी देवी, शांति देवी, उमा देवी परबली लाल आदि का कहना है कि भूस्खलन से आवासीय मकान, गोशाला व कृषि भूमि को नुकसान हुआ है।

गांव की सार्वजनिक पेयजल टंकी भी मलबे से ध्वस्त हो गई है, लेकिन प्रशासन व राजस्व विभाग ने अभी तक सुध नहीं ली है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के साथ ही ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी सुरक्षित जमीन पर विस्थापित करने की मांग की है। 
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