बता दें कि समुद्री चक्रवात ताऊते का असर उत्तराखंड में भी देखने को मिला था। चक्रवात के कारण प्रदेश में भी झमाझम बारिश हुई थी और तापमान में गिरावट दर्ज हुई थी। लेकिन, इसका असर खत्म होते ही तापमान लगातार बढ़ रहा है।
सेहत के लिए ठीक नहीं है मौसम का मिजाज
चिकित्सकों का कहना है कि बढ़ता तापमान और घटती आर्द्रता सेहत के लिहाज से ठीक नहीं है। कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर एनएस बिष्ट के अनुसार तापमान बढ़ने और वातावरण में आर्द्रता कम होने से हेपिटाइटिस, डायरिया, डेंगू, टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
ऐसे में शरीर में पानी की कमी किसी भी सूरत में न होने दें। खानपान का विशेष ध्यान रखें। ध्यान रहे कि पानी साफ सुथरा होना चाहिए, वरना डायरिया होने का खतरा रहेगा।