उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा विभाग द्वारा मौसम विभाग भारत सरकार के साथ सामंजस्य स्थापित कर राज्य के सुरकंडा (टिहरी) और लैंसडौन (पौड़ी गढ़वाल) मे डॉप्लर रडार स्थापित किया जा रहा है।
उत्तराखंड के कुछ इलाकों में शनिवार की सुबह हल्की बारिश हुई। राजधानी देहरादून में आज सुबह एक दौर की बारिश हुई। जिसके बाद बादल छा गए।
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सुरकंडा, लैंसडौन में शीघ्र स्थापित होगा डॉप्लर रडार
उत्तराखंड राज्य आपदाओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील है, बेहतर तकनीक के माध्यम से इससे होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है। इसी बात को ध्यान मे रखते हुए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा विभाग द्वारा मौसम विभाग भारत सरकार के साथ सामंजस्य स्थापित कर राज्य के सुरकंडा (टिहरी) और लैंसडौन (पौड़ी गढ़वाल) मे डॉप्लर रडार स्थापित किया जा रहा है।
डॉप्लर रडार सुरकंडा व टिहरी साइट की कार्य प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की
इससे पहले मुक्तेश्वर (नैनीताल) में डॉप्लर रडार स्थापित किया जा चुका है। इससे लगातार मौसम संबंधी डाटा प्राप्त हो रहा है। जो कि राज्य एवं जनपद प्रशासन द्वारा आपदा पूर्व सफल निर्णय लेने मे कारगर साबित होगा। सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरुगेशन ने मौसम विभाग के प्रभारी निदेशक रोहित थपलियाल से डॉप्लर रडार सुरकंडा व टिहरी साइट की कार्य प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की।
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उपकरणों को सुरकंडा साइट पर जल्द से जल्द पहुंचाने के निर्देश
उन्होंने एयर लिफ्टिंग के माध्यम से रडार के उपकरणों को सुरकंडा साइट पर जल्द से जल्द पहुंचाने के निर्देश दिए। ताकि जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। उन्होंने आश्वासन दिलाया कि आपदा विभाग मौसम विभाग को पूरा सहयोग देगा।
आपातकालीन स्थिति में जान माल की क्षति को कम किया जा सकता है
सचिव, आपदा प्रबंधन ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मौसम विभाग के अधिकारियों को साइट पर जाने के निर्देश भी दिए, ताकि डॉप्लर रडार लैंसडौन को स्थापित करने का कार्य भी जल्द शुरू किया जा सके। ये डॉप्लर रडार आपदा के समय त्वरित प्रतिवादन करने के लिए जरूरी निर्णय में अहम भूमिका निभाते हैं, जिससे आपातकालीन स्थिति में जान माल की क्षति को कम किया जा सकता है।