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उत्तराखंड: कैंचीधाम के अंदर जमे मलबे को हटाने में रातभर मुस्तैद रहा प्रशासन, 11 घंटे बाद खुला हाईवे

Thu, 13 May 2021 10:22 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी

सार

वहीं बुधवार को बादल फटने के बाद कैंची धाम के अंदर जमे भारी मलबे को हटाने का काम जारी है।
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कैंची धाम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कैंची में सोमवार शाम हुई मूसलाधार बारिश से बंद राजमार्ग अगली सुबह चार बजे खोला गया। देर रात तक एसडीएम विनोद कुमार मौके पर मौजूद रहे। मार्ग खोलने में करीब 11 घंटे का समय लगा। बृहस्पतिवार को एसडीएम ने कैंची पहुंचकर मंदिर का जायजा लिया। इस दौरान जेसीबी से कैंची मंदिर के आसपास जमा हुए मलबे को हटाया गया। एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि रात में यातायात को भवाली-खैरना से डायवर्ट किया था।

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रातभर जेसीबी से कार्य करवाकर अल्मोड़ा-भवाली को सुबह चार बजे खोला गया। उन्होंने बताया कि कैंची और साई मंदिर में मलबा हटाने का काम चल रहा है। प्रधान पंकज निगल्टिया ने बताया कि बारिश के चलते नवीन तिवारी, जगदीश तिवारी, तारा सिंह अधिकारी और पूरन सिंह के घरों में मलबा घुस गया था। इससे किसानों की फसलें और फल बर्बाद हो गए हैं। वहीं, मलबे में पेयजल लाइन दबने से पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई। प्रधान ने बताया कि कानूनगो ने सर्वे करने के साथ जल्द मुआवजा दिलाने की बात कही है।
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युवाओं ने हटाया मलबा
कैंची मंदिर में भारी मात्रा में आए मलबे को हटाने के लिए भीमताल के सामाजिक कार्यकर्त्ता नितेश बिष्ट के नेतृत्व में युवाओं ने सुबह सात बजे से सफाई शुरू की। युवाओं ने दोपहर तक मंदिर मुख्य मार्ग से परिसर में आए मलबे को हटवाकर सफाई की। युवाओं की इस पहल की मंदिर समिति के लोगों ने भी सराहना की। इस दौरान रेगन गुप्ता, मनोज दुर्गापाल, विनोद पांडे, कार्तिक कर्नाटक, पंकज बिष्ट, अंकित बिष्ट आदि ने सहयोग किया। कांग्रेसी नेता हेम आर्या ने कैंची पहुंचकर लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है। यहां पूर्व चेयरमैन दयाल आर्या, उमेश किरौला, उमेश तिवारी, राकेश तिवारी, एलडी आर्या, तारा सिंह, गिरीश तिवारी आदि रहे।

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बाबा ने हर ली कैंची की विपदा

कैंची क्षेत्र में अतिवृष्टि जैसी आफत होने के बाद भी कहीं भारी नुकसान नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बाबा ने क्षेत्र में आई बड़ी विपदा को हर लिया। उनके आशीर्वाद के चलते ही कोई जनहानि नहीं हुई।

कैंची इलाके में बुधवार शाम हुई मूसलाधार बारिश करीब एक घंटे तक चलती रही। इस बीच बारिश से कैंची मंदिर के किनारे से जाने वाला नाला भी उफान पर आ गया था। मलबा घरों में घुसने के साथ भवाली-अल्मोड़ा हाईवे भी बंद हो गया था। भारी बारिश से लोगों में बादल फटने की चर्चाएं तैरने लगीं।

हालांकि बादल फटने की पुष्टि नहीं हुई। पर एक इलाके में लगातार बारिश से लोग दहशत में आ गए। आसपड़ोस के ग्रामीण कैंची इलाके में रहने वाले लोगों को फोन कर कुशलक्षेम पूछने लगे। साथ ही तबाही की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए।

आखिरकार एक घंटे बाद बारिश बंद हुई। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। कोरोना आपदा के बीच दोहरी मार पड़ने के बाद भी जनहानि नहीं होने को लोगों ने बाबा नीम करौरी की कृपा बताया।

बाबा के आशीर्वाद से नहीं हुआ कोई हताहत
भवाली के व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद बाबा के आशीर्वाद से कोई हताहत नहीं हुआ। बारिश ने आपदा का रूप जरूर ले लिया था लेकिन बाबा का धाम होने से बड़ी विपदा टल गई। मनोज भट्ट ने कहा कि बाबा अपनी कृपादृष्टि भक्तों पर लगातार बनाए हुए हैं। ग्राम प्रधान पंकज निगल्टिया ने कहा कि बादल फटने जैसी भारी तबाही के बीच बाबा ने संकट हर लिया। पवन आर्या ने कहा कि बाबा ने हमेशा अपनी कृपा बनाए रखी है और बुधवार को इस बड़ी विपदा से क्षेत्रवासियों को बचा लिया। आपदा से जनहानि न होना चमत्कार से कम नहीं है।
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