कैंची क्षेत्र में अतिवृष्टि जैसी आफत होने के बाद भी कहीं भारी नुकसान नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बाबा ने क्षेत्र में आई बड़ी विपदा को हर लिया। उनके आशीर्वाद के चलते ही कोई जनहानि नहीं हुई।
कैंची इलाके में बुधवार शाम हुई मूसलाधार बारिश करीब एक घंटे तक चलती रही। इस बीच बारिश से कैंची मंदिर के किनारे से जाने वाला नाला भी उफान पर आ गया था। मलबा घरों में घुसने के साथ भवाली-अल्मोड़ा हाईवे भी बंद हो गया था। भारी बारिश से लोगों में बादल फटने की चर्चाएं तैरने लगीं।
हालांकि बादल फटने की पुष्टि नहीं हुई। पर एक इलाके में लगातार बारिश से लोग दहशत में आ गए। आसपड़ोस के ग्रामीण कैंची इलाके में रहने वाले लोगों को फोन कर कुशलक्षेम पूछने लगे। साथ ही तबाही की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए।
आखिरकार एक घंटे बाद बारिश बंद हुई। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। कोरोना आपदा के बीच दोहरी मार पड़ने के बाद भी जनहानि नहीं होने को लोगों ने बाबा नीम करौरी की कृपा बताया।
बाबा के आशीर्वाद से नहीं हुआ कोई हताहत
भवाली के व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद बाबा के आशीर्वाद से कोई हताहत नहीं हुआ। बारिश ने आपदा का रूप जरूर ले लिया था लेकिन बाबा का धाम होने से बड़ी विपदा टल गई। मनोज भट्ट ने कहा कि बाबा अपनी कृपादृष्टि भक्तों पर लगातार बनाए हुए हैं। ग्राम प्रधान पंकज निगल्टिया ने कहा कि बादल फटने जैसी भारी तबाही के बीच बाबा ने संकट हर लिया। पवन आर्या ने कहा कि बाबा ने हमेशा अपनी कृपा बनाए रखी है और बुधवार को इस बड़ी विपदा से क्षेत्रवासियों को बचा लिया। आपदा से जनहानि न होना चमत्कार से कम नहीं है।