मसूरी में देर रात को बारिश हुई। जिससे मौसम में हल्की ठंड लौट आई है। डोईवाला में बादल छाए हैं, मौसम में कुछ ठंडक है। ऋषिकेश में भी बदल छाए हैं। तेज हवाएं चल रही हैं। रायवाला में मौसम गुमसुम है। हरिद्वार में बादल लगे हैं।
टिहरी में बुधवार को सुबह 5:30 बजे कुछ देर के लिए झमाझम बारिश हुई। बारिश से जंगलों की आग बुझ गई है। आग बुझने पर वन विभाग और स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है।
श्रीनगर में रात लगभग दो बजे हल्की बारिश हुई । यहां रात को तेज तूफान आया। रुद्रप्रयाग में देर रात से तड़के तक बादलों की गर्जना के साथ हल्की बारिश हुई। यमुनोत्री घाटी में देर रात से सुबह तक बादलों की गर्जना के साथ बारिश हुई। अभी बारिश थमी हुई हैं, लेकिन बारिश का मौसम बना हुआ है। थोड़ी बहुत बारिश के कारण यमुना घाटी में जंगलों की आग से छाई धुंध से राहत मिली है।
चमोली जिले में भी देर रात से बारिश हो रही है। यहां भी जंगलों की आग बुझ गई है। बारिश से गर्मी से भी राहत मिली है। बदरीनाथ, हेमकुंड सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है।
डीडीहाट में रुक रुक कर बारिश हो रही है। नैनीताल, लोहाघाट, अल्मोड़ा में हल्के बादल छाए हैं।
पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मंगलवार रात और बुधवार को हिमपात हुआ। व्यास और दारमा घाटी के साथ ही मुनस्यारी के मल्ला जोहार में करीब चार इंच तक बर्फबारी हुई है। बुधवार को भी दिनभर मौसम खराब रहा। जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में बुधवार सुबह तेज गरज के साथ हल्की बारिश हुई। अन्य इलाकों में भी आसमान बादलों से घिरा रहा। हिमपात और हल्की बूंदाबांदी से धुंध में कुछ कमी आई है। वनों में भड़क रही आग भी नियंत्रित हुई है।
बुधवार तड़के तीन बजे से धारचूला में हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जबकि चीन सीमा से लगे गुंजी आदि उच्च हिमालयी गांवों में बर्फबारी हुई। बर्फबारी से व्यास घाटी में चीन सीमा के लिए बन रही सड़क के निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को कुछ दिक्कतें आईं। दारमा घाटी में भी हिमपात हुआ है। उधर, मुनस्यारी में मंगलवार रात से रुक-रुककर बारिश होती रही, जबकि चोटियों पर बर्फबारी हुई। मिलम में लगभग चार इंच तक हिमपात हुआ। जिले के डीडीहाट, अस्कोट, कनालीछीना, थल, मुवानी आदि स्थानों पर भी बूंदाबांदी हुई।
जंगल की आग रुकने से धुंध में आई कमी
पिथौरागढ़। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात और निचले इलाकों में बारिश से धुंध में कुछ कमी नजर आई। मंगलवार तक जहां गहरी धुंध के कारण दृश्यता 400 मीटर तक सिमट गई थी, वहीं बुधवार की सुबह एक हजार मीटर तक स्पष्ट दिखाई दिया। हालांकि शाम को फिर से धुंध में बढ़ोतरी होने लगी थी। दूसरी ओर सभी इलाकों में हल्की बूंदाबांदी से वनों में तेजी से धधक रही आग की घटनाओं में भी काफी कमी आई है। बुधवार को आग लगने की एक-दो घटनाएं ही सामने आईं।