रुद्रप्रयाग जिले में वनाग्नि की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। 24 घंटे में अलग-अलग वन क्षेत्रों में आग लगने से 11 हेक्टेयर जलकर जल गया। इस दौरान जंगल में कई पशु-पक्षी भी आहत हुए हैं। विभागीय कर्मचारियों ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया।
अगस्त्यमुनि रेंज के गंधारी सिविल क्षेत्र में शनिवार रात को अराजक तत्वों ने आग लगा दी। शुष्क मौसम के कारण देखते ही देखते आग की लपटें जंगल के बड़े भू-भाग में फैल गई। सूचना पर वन दरोगा शिशुपाल सिंह नेगी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय क्रू-स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जंगल में लगी आग को बुझाने में सफलता पाई।
टीम ने बताया कि वनाग्नि ने तीन हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया है। इस दौरान जंगल में कई पशु-पक्षी भी आहत हुए हैं। क्वीली-कुरझण में भी वन पंचायत के जंगलों में लगी आग से तीन हेक्टेयर जलकर जल गया। उधर, ढौंडिक वन पंचायत के जंगल में भी अराजक तत्वों ने आग लगाई, जिससे 3.5 हेक्टेयर जंगल में वन संपदा जलकर जल गया।
वन दरोगा एसपीएस नेगी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से गांवों से लगे जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ी हैं। इधर, जखोली ब्लॉक के चाका-फलाटी के जंगलों में भी आग से लगभग दो हेक्टेयर जंगल स्वाह हो गए हैं। डीएफओ वैभव कुमार सिंह ने बताया कि शुष्क मौसम और बढ़ती गर्मी के कारण वनाग्नि का प्रकोप अधिक हो रहा है। अभी तक प्रभागीय क्षेत्र में 120 से अधिक वनाग्नि की घटनाएं हो चुकी हैं।
टिहरी वन रेंज के मोकरी कक्ष संख्या छह में नर्सरी के समीप जंगल में आग लगाते हुए वन कर्मियों ने एक व्यक्ति को रंगे हाथों धर दबोच लिया है। वन अधिनियम के तहत आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आरोपी को सोमवार (आज) न्यायालय में पेश किया जाएगा। रेंज अधिकारी आशीष डिमरी ने बताया कि रविवार शाम 4 बजे के लगभग वन आरक्षी आजाद सिंह पंवार ने मोकरी नर्सरी के समीप पाटा गांव निवासी बुद्धि लाल (55) को धर दबोचा।
वन आरक्षी के मना करने के बावजूद वह तीन अलग-अलग स्थानों पर आग लगाता रहा। बताया आरोपी नशे की हालत में है। वन अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस से राय लेने के बाद आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धाराएं भी जोड़ी जाएगी।