उत्तराखंड में ओलावृष्टि से कृषि और बागवानी फसलों को लगभग 11 करोड़ का नुकसान हुआ है। कृषि और उद्यान विभाग ने जिला स्तर पर नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट सरकार को सौंपी है। कृषि में 42530 हेक्टेयर और बागवानी में 9355 हेक्टेयर भूमि पर फसलों को नुकसान हुआ है। ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जनपद में ओले गिरने से सबसे ज्यादा नुकसान आंका गया।
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कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के आठ जिलों में 42530 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं, मसूर, सस्सों, दलहन और तिलहन फसलों को छह करोड़ से अधिक नुकसान हुआ है। ऊधमसिंह नगर में सबसे अधिक 35460 हेक्टेयर कृषि भूमि तीन करोड़ से अधिक नुकसान है। जबकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर जनपद में कोई नुकसान नहीं है।
वहीं, उद्यान विभाग ने प्रदेश भर में 9355 हेक्टेयर भूमि पर बागवानी फसलों को साढ़े चार करोड़ से अधिक का नुकसान आंका गया।
हरिद्वार जनपद के बहादराबाद विकास खंड में सबसे ज्यादा फसल, सब्जी व फूलों की खेती को 70 से 80 प्रतिशत नुकसान हुआ है। इसी तरह अल्मोड़ा जनपद के भैसिंयाछीना ब्लाक में फल, सब्जी, आलू और मसाला फसलों को लगभग 50 प्रतिशत नुकसान आंका गया। पौड़ी जनपद के कोट व कल्जीखाल में 50 से 60 प्रतिशत नुकसान हुआ है।
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ओलावृष्टि से प्रदेेश में फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के मानकों के अनुसार 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
-सुबोध उनियाल, कृषि मंत्री