उत्तराखंड और नेपाल के संयुक्त कार्यक्रम पंचेश्वर बांध परियोजना के प्रभावितों के लिए राज्य सरकार यूपी से जमीन मांगेगी। पंचेश्वर बांध के निर्माण के बाद करीब 33 हजार लोगों का विस्थापन होना है।
उत्तराखंड ने केंद्र सरकार को अवगत करा दिया है कि प्रभावितों के विस्थापन के लिए उसके पास भूमि उपलब्ध नहीं है। उत्तराखंड में जो भी भूमि उपलब्ध है, वह यूपी सिंचाई विभाग की है। इसलिए यूपी से जमीन लिए बगैर गुजारा नहीं है। उत्तराखंड ने केंद्र सरकार से राज्य में सिंचाई और बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए 579 करोड़ की मदद मांगी है।
सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने दिल्ली में शनिवार को केंद्रीय सिंचाई मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात की। इस दौरान महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में सिंचाई सुविधा को बढ़ाने और बाढ़-नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय करने के लिए 579 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। महाराज ने कहा कि केंद्र की मदद से इस क्षेत्र में उत्तराखंड बेहतर काम कर पाएगा।
महाराज ने बताया कि उत्तराखंड और नेपाल के स्तर पर पंचेश्वर बांध का निर्माण किया जाना है। महाराज ने कहा कि हमारे पास जमीन की कमी है। यूपी से औपचारिक तौर पर सिंचाई जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने इस मामले में केंद्र के सहयोग की भी अपेक्षा की।
उन्होंने जमरानी बांध परियोजना पर भी चर्चा की और बताया कि यूपी और उत्तराखंड तेजी से इस मामले में काम कर रहे हैं। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने औली विंटर गेम्स की तैयारियों के बारे में भी केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया।