शहरी क्षेत्रों में सस्ती दाल उपलब्ध कराने के बाद उत्तराखंड सरकार अब गांवों में भी सस्ती दाल उपलब्ध कराएगी।
पहाड़ी, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों और मंडी समिति के काउंटर पर सस्ती दाल बेची जाएगी। विभाग का दावा है कि शनिवार या सोमवार तक लोगों को घर के पास ही सस्ती दाल उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री हरीश रावत भले ही पहाड़ और ग्रामीण क्षेत्रों को वरीयता देने की बात करते हों, लेकिन सिस्टम के एजेंडे में शहर पहले हैं। महंगाई से जूझ रहे प्रदेश के लोगों को राहत देने के मामले में यह साबित हो चुका है। प्रदेश ने खाद्य आपूर्ति विभाग के जरिए सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में सस्ती दालें उपलब्ध कराईं, लेकिन यह केवल शहरी क्षेत्रों में ही आवंटित की गई।
यहां तक कि राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी महंगे दामों पर ही दाल खरीदनी पड़ रही है। पूर्व में जब प्याज के दाम काफी बढ़ गए थे, तब भी सरकार ने केवल शहर में लोगों को राहत देते हुए सस्ते प्याज के काउंटर लगाए थे। पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सरकार की इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया था। सस्ती दाल के मामले में विरोध होने के बाद सरकार को अब ग्रामीण, पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों की याद आई है।
पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती दाल उपलब्ध कराने की योजना पर काम चल रहा है। शनिवार या सोमवार से लोगों को कम कीमत पर दालें उपलब्ध करा दी जाएगी। राशन डीलरों के माध्यम से और मंडी क्षेत्रों में काउंटर लगाकर सस्ती दाल लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी।
- राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव खाद्य आपूर्ति