विदित हो कि इस सड़क मार्ग के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही की शिकायत पर बीते वर्ष 16 मई को जिलाधिकारी ने एसडीएम थराली को जांच सौंपी थी और 23 जुलाई को तहसीलदार के नेतृत्व में गठित जांच समिति ने जब इस निर्माणाधीन सड़क की जांच की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई। बीते बुधवार को बस ट्रायल के दौरान उनका गुस्सा फूट पड़ा। दोपहर बाद तहसीलदार दिगम्बर सिंह नेगी, राजस्व उपनिरीक्षक जगदीश ओलिया और एसआई भूपेंद्र सिंह के साथ मौके पर पहुंचे और धरना दे रहे ग्रामीणों से वार्ता की। ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया गया कि मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही बस ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने पिछले 24 घंटे से बंधक बनाकर रखी गई बस को छोड़ दिया।