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उत्तराखंड में उत्पादों का बनेगा अंब्रेला ब्रांड, मिलेगी अलग पहचान, सीएम ने दिए निर्देश 

Mon, 19 Oct 2020 11:11 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • सीएम बोले, उत्पादों के नाम में उत्तराखंड का भाव झलकना चाहिए
  • लक्ष्य निर्धारित कर काम करेंगे ग्रोथ सेंटर, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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प्रदेश में स्थापित ग्रोथ सेंटर लक्ष्य निर्धारित कर काम करेंगे। इनमें तैयार उत्तराखंड के उत्पादों का एक अंब्रेला ब्रांड तैयार होगा। उत्पादों के नाम इस तरह से रखे जाएं कि उनमें उत्तराखंड का भाव झलकना चाहिए। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को ये निर्देश दिए। वह सचिवालय में ग्रोथ सेंटरों की समीक्षा कर रहे थे।

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राज्य में 104 ग्रोथ सेंटर मंजूर हो चुके हैं। इनमें से 72 पर काम शुरू हो गया है। अन्य भी जल्द ही शुरू हो जाएंगे। इन ग्रोथ सेंटरों से लगभग 30 हजार लोगों को लाभ मिल रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को ग्रोथ सेंटरों में स्वयं जाकर वहां की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा, उत्तराखंड के उत्पादों के लिए एक अंब्रेला ब्रांड बनाया जाए। सभी ग्रोथ सेंटर, बिक्री और मुनाफे का लक्ष्य निर्धारित कर काम करें। इनके उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग की व्यवस्था की जाए।
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स्थानीय बाजारों पर भी फोकस किया जाए। इसके लिए दक्ष विशेषज्ञों की सहायता ली जाए। उत्तराखंड के उत्पादों की विशेषता, संभावित मार्केट आदि का पूरा अध्ययन किया जाए।त ब्रांड का नाम इस प्रकार हो जिसमें उत्तराखंड का फील आए। उद्योग विभाग इसे लागू करेगा।     

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ग्रोथ सेंटरों से जुड़े लोगों का स्किल डेवलपमेंट हो

सीएम ने कहा कि थानो व कोटाबाग के एलईडी ग्रोथ सेंटरों को क्वालिटी डिजाइनर उपलब्ध कराए जाएं। हरिद्वार का प्रसाद निर्माण से जुड़ा सेंटर आगामी कुम्भ को देखते हुए अपनी तैयारियां करे। सभी ग्रोथ सेंटरों से जुड़े लोगों के स्किल डेवलपमेंट की भी व्यवस्था की जाए। 

नियमित बिक्री की व्यवस्था हो   
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रोथ सेंटरों के उत्पादों की सीजनल ही नहीं बल्कि नियमित बिक्री सुनिश्चित की जाए। आसपास के कुछ ग्रोथ सेंटरों को मिलाकर एक पिकअप वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा सकती है। इससे यातायात लागत कम होगी।

वोकल फॉर लोकल की अच्छी नजीर
उन्होंने ग्रोथ सेंटरों से जुड़े लोगों विशेषतौर पर महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। इस आत्मविश्वास को और बढ़ाना है। ग्रोथ सेंटर आत्मनिर्भर भारत और वोकल फोर लोकल का अच्छा उदाहरण हैं। 

ग्रोथ सेंटरों के संचालकों ने अनुभव साझा किए
मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंसिग के माध्यम से विभिन्न ग्रोथ सेंटरों के संचालक स्वयं सहायता समूहों से बात की और उनसे फीडबैक लिया। संचालकों ने अपने अनुभव साझा किया। बताया कि ग्रोथ सेंटर शुरू होने से उनसे जुड़े ग्रामीणों और महिलाओं की आय में बढ़ोतरी हुई है। धीरे-धीरे उत्पादों को बाजार भी मिलता जा रहा है।

छह करोड़ टर्नओवर, 60 लाख की कमाई
ग्रोथ सेंटरों का टर्न ओवर 6.09 करोड़ का रहा और उन्हें 60 लाख की कमाई हुई। अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने यह जानकारी दी। उन्होंने ग्रोथ सेंटरों के टर्नओवर और मुनाफे में लगातार वृद्धि हो रही है। ग्रोथ सेंटरों की ऑनलाइन मार्केटिंग के लिए वेबसाइट बनाई जा रही है। इनका थर्ड पार्टी मूल्यांकन भी कराया जाएगा।
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