जैमर के बावजूद परीक्षा केंद्र के भीतर से ही पेपर बाहर आ गया। सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद परत-दर-परत पोल खुलती चली गई। युवाओं ने जनसंवाद में जिस तरह के आरोप लगाए हैं, सीबीआई जांच में पकड़ में आते हैं तो चिंता बढ़ना लाजिमी है।
प्रदेश में हुई समूह-ग की इस सबसे बड़ी परीक्षा में शुचिता, गोपनीयता, पारदर्शिता गंवाने वाले आयोग के सामने अब आने वाली परीक्षाओं की बड़ी चुनौती है। दोबारा इस परीक्षा के आयोजन को लेकर जहां हर चूक पर काम करना होगा तो वहीं दूसरी भर्तियों को भी समय से कराने की चुनौती होगी। हालांकि आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया का कहना है कि परीक्षाएं समय से ही होंगी। उनका ये भी कहना है कि इस बार पुरानी सभी गलतियों और खामियों को सुधारकर परीक्षा कराई जाएगी।