यहां अन्य मंदिरों की परिक्रमा के बाद डोली मंदिर परिसर में पहुंची। पंच पुरोहितों ने पंचांग पूजन के साथ तृतीय केदार की महाभिषेक पूजा की गई। इसके बाद मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी ने तुंगनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए। उनके हाथों छह माह की पूजा-अर्चना का संकल्प कराया गया।
पंच पुरोहित ने मंदिर के गर्भगृह में वेद-मंत्रोच्चारण के साथ बाबा तुंगनाथ को समाधि से जागने का आह्वान किया। पुजारी सतीश मैठाणी, विनोद मैठाणी, सुरेंद्र मैठाणी और अजय मैठाणी ने समाधि की भष्म और पुष्प को भक्तों में वितरित किया।
इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया। इस मौके पर तहसीदार जयवीर राम बधाणी, डोली प्रभारी युद्धवीर पुष्पवाण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल, मंदिर प्रबंधक प्रकाश पुरोहित, शिव सिंह रावत, बीरेंद्र सिंह राणा, महावीर बजवाल, जीतपाल सिंह भंडारी आदि मौजूद थे।
तुंगनाथ मंदिर को कपाटोद्घाटन के लिए गेंदा, गुलाब समेत अन्य प्रजातियों के दस कुंतल फूलों से सजाया गया। लॉकडाउन में तहसीलदार जयवीर राम बधाणी ने इस साल केदारनाथ, द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट खोले जाने में अहम भूमिका निभाई।