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उत्तराखंड पंचकेदार : तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट खुले

Wed, 20 May 2020 06:24 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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तुंगनाथ के कपाट खुले - फोटो : अमर उजाला
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तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट बुधवार को दोपहर साढ़े 11 बजे कर्क लग्न में खोल दिए गए। परंपरानुसार वेद मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। बाबा तुंगनाथ की श्रीमूर्ति को गर्भगृह में विराजमान किया गया। इसके साथ ही धाम में अराध्य की ग्रीष्मकालीन पूजा-अर्चना शुरू हो गई। वहीं, तुंगनाथ मंदिर में भगवान तुंगनाथ का पहला रुद्राभिषेक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न कराया गया।

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लॉकडाउन के कारण कपाटोद्घाटन के दौरान सीमित संख्या में ही श्रद्धालु शामिल हो सके। इससे पूर्व, सुबह सात बजे चोपता में मक्कूमठ के हक-हकूकधारी पंच पुरोहितों ने भगवान तुंगनाथ की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी। इसके बाद सुबह करीब  साढ़े आठ बजे भगवान तुंगनाथ की चल उत्सव डोली ने धाम के लिए प्रस्थान किया।



मखमली बुग्यालों के बीच तीन किलोमीटर की चढ़ाई चढ़ पूर्वाह्न 11 बजे डोली देवदर्शनी पहुंची। यहां डोली ने अल्प विश्राम लिया। मंदिर परिसर से थौर भंडारी की शंख ध्वनि के  बीच तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की चल उत्सव विग्रह डोली ने बर्फ की हल्की सफेद चादर ओढ़े अपने धाम में प्रवेश किया।

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दस कुंतल फूलों से सजाया धाम

यहां अन्य मंदिरों की परिक्रमा के बाद डोली मंदिर परिसर में पहुंची। पंच पुरोहितों ने पंचांग पूजन के साथ तृतीय केदार की महाभिषेक पूजा की गई। इसके बाद मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी ने तुंगनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए। उनके हाथों छह माह की पूजा-अर्चना का संकल्प कराया गया।

पंच पुरोहित ने मंदिर के गर्भगृह में वेद-मंत्रोच्चारण के साथ बाबा तुंगनाथ को समाधि से जागने का आह्वान किया। पुजारी सतीश मैठाणी, विनोद मैठाणी, सुरेंद्र मैठाणी और अजय मैठाणी ने समाधि की भष्म और पुष्प को भक्तों में वितरित किया।

इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया। इस मौके पर तहसीदार जयवीर राम बधाणी, डोली प्रभारी युद्धवीर पुष्पवाण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल, मंदिर प्रबंधक प्रकाश पुरोहित, शिव सिंह रावत, बीरेंद्र सिंह राणा, महावीर बजवाल,  जीतपाल सिंह भंडारी आदि मौजूद थे।

तुंगनाथ मंदिर को कपाटोद्घाटन के लिए गेंदा, गुलाब समेत अन्य प्रजातियों के दस कुंतल फूलों से सजाया गया। लॉकडाउन में तहसीलदार जयवीर राम बधाणी ने इस साल केदारनाथ, द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट खोले जाने में अहम भूमिका निभाई।
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