घोटाले की जानकारी सामने आने के बाद निगम मुख्यालय के महाप्रबंधक (संचालन-तकनीकी) की ओर से श्रीनगर, टकनपुर, रुड़की, देहरादून जेएनएनयूआरएम, रुद्रपुर, ऋषिकेश, रानीखेत, अल्मोड़ा, भवाली, पर्वतीय डिपो, ग्रामीण, हल्द्वानी, हरिद्वार, काशीपुर, हरिद्वार जेएनएनयूआरएम, काठगोदाम जेएनएनयूआरएम, काठगोदाम, कोटद्वार, लोहाघाट, पिथौरागढ़ व रामनगर डिपो को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि पूर्व विधायकों, विधायकों, सांसदों व आर्मी वारंट की संख्या जानबूझकर फर्जी या गलत अंकित की जा रही है। इसे संबंधित अधिकारी देख नहीं रहे हैं।
जांच करने पहुंचे रुड़की डिपो सहायक लेखाधिकारी
निगम मुख्यालय से घोटाले का पत्र जारी होने के बाद हरकत में आए देहरादून आरएम ने सहायक लेखाधिकारी को जांच के लिए रुड़की डिपो भेजा। सहायक लेखाधिकारी रजनीश गुप्ता ने आर्मी वारंट से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी डिपो के अधिकारियों से जुटाई। इस संबंध में डिपो के एजीएम जेएस शर्मा से बात की गई तो उन्होंने उसे मासिक समीक्षा कहकर बात को टाल दिया।
विशेष श्रेणी के यात्रियों के तीन माह के जो आंकडे़ आए हैं वह चौंकाने वाले हैं। खासतौर से वर्तमान एमपी और एमएलए की यात्राओं की संख्या। सभी डिपो से ब्योरा मांगा गया है। गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय है।
- दीपक जैन, महाप्रबंधक संचालन-तकनीकी
महाप्रबंधक से जानकारी ली जाएगी। किस स्तर से फर्जीवाड़ा हुआ है? जांच करवाकर पता किया जाएगा। जो भी कर्मचारी और अधिकारी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- बृजेश कुमार संत, प्रबंध निदेशक, परिवहन निगम