उत्तराखंड आने वाले पर्यटक अब प्राचीन मंदिरों के इतिहास और धार्मिक महत्व से रूबरू होंगे। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) को प्राचीन मंदिरों का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
बुधवार को उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद कार्यालय में महाराज ने प्रदेश के सभी जिला पर्यटन विकास अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक ली। महाराज ने कहा कि प्रदेश के हर जिले में ऐसे प्राचीन मंदिर हैं, जिनकी अपनी विशेष पहचान है।
ऐसे मंदिरों का प्रचार-प्रसार कर पर्यटकों को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से आग्रह किया कि फिल्म निर्माताओं को उत्तराखंड की चर्चित हस्तियों नैन सिंह रावत, अजीत डोभाल, थारू व बोक्सा जाति, राजा मालूसाई के जीवन पर फिल्म बनाने को प्रेरित करें।
महाराज ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से अल्मोड़ा के शिव मंदिर, कपिलेश्वर व जागेश्वर, पिथौरागढ़ में पाताल भुवनेश्वर, बागेश्वर में बैजनाथ, बागनाथ, चंपावत में कांतेश्वर मंदिर, नैनीताल में भीमेश्वर मंदिर, ऊधमसिंह नगर में मोटेश्वर महादेव, टिहरी में कोटेश्वर महादेव मंदिर, रूद्रप्रयाग में पंच केदार, उत्तरकाशी में विश्वनाथ मंदिर, हरिद्वार में दक्ष प्रजापति मंदिर, चमोली में रूद्रनाथ शिव मंदिर व कल्पेश्वर शिव मंदिर,पौड़ी में क्यूंकालेश्वर मंदिर, नीलकंठ, एकेश्वर मंदिर और देहरादून में लाखामंडल स्थित शिव मंदिर कुल 24 प्राचीन शिव मंदिरों को चिह्नित किया गया है।
नव गृह सर्किट में मानिला देवी व अल्मोड़ा के कटारमल स्थित सूर्य मंदिर, आदित्य सूर्य मंदिर, उत्तरकाशी खरशाली में शनि देव महाराज का मंदिर व पौड़ी में राहु मंदिर को चिन्हित किया गया।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने सभी जिला पर्यटन अधिकारियों को प्राचीन मंदिरों का विवरण भेजने के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर अपर सचिव सोनिका, निदेशक वित जगत सिंह चौहान, अपर निदेशक विवेक चौहान, उपनिदेशक योगेंद्र कुमार गंगवार, रिसर्च अधिकारी एसएस सामंत आदि मौजूद थे।