प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत छोटे उद्यम स्थापित करने में उत्तराखंड ने तमाम राज्यों को पछाड़ते हुए पहला स्थान कर लिया है। दिल्ली में हुई एमएसएमई मंत्रियों की बैठक में इस कामयाबी पर उत्तराखंड की पीठ थपथपाई गई।
आंकड़ों पर गौर फरमाएं तो प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2016-17 में 1173 के मुकाबले 1466 उद्यम स्थापित हुए हैं, जहां तक रोजगार पाने वालों का सवाल है तो राज्य के 6166 बेरोजगारो को रोजगार मिला है। विभागीय मंत्री मदन कौशिक ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया हे कि चालू वित्तीय वर्ष में लक्ष्य और अधिक बढ़ाया जाय ताकि अधिक से अधिक बेरोजगारों को रोजगार दिया जा सके।
अपर निदेशक ( उद्योग ) सुधीर नौटियाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने हर जिले में कम से कम 75 छोटे उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य रखा था, जिसके तहत प्रदेश में 12 जिलों में इससे ऊपर टारगेट पूरा हुआ है। हालांकि ऊधमसिंह नगर में यह टारगेट पूरा नहीं हो पाया।
उन्होंने बताया कि पूरे देश में केवल 50 प्रतिशत जिलों में 75 उद्यमों का टारगेट पूरा हो पाया है। उत्तराखंड में कुल अनुसूचित आबादी 18.20 प्रतिशत है, जिसके मुकाबले 18.76 प्रतिशत उद्यम एससी के हैं। इसी प्रकार, प्रदेश में एसटी की कुल आबादी 2.89 प्रतिशत है, जिसके मुकाबले प्रदेश में तीन प्रतिशत एसटी को पीएमईजीपी का लाभ मिला है।