केदारनाथ में धरना देते तीर्थ पुरोहित
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बीते 12 जून से अर्धनग्न होकर देवस्थानम बोर्ड के गठन का विरोध कर रहे तीर्थ पुरोहित संतोष तिवारी ने कहा कि अगर सरकार ने मांगपूर्ति नहीं की तो वे समाधि लेने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को एक मुट्ठी भी भूमि नहीं दी जाएगी।
दूसरी ओर उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड और मास्टर प्लान को भंग करने के विरोध में केदारनाथ में तीर्थ पुरोहितों का आंदोलन दसवें दिन भी जारी रहा। उन्होंने मांगपूर्ति तक आंदोलनरत रहने का निर्णय लेते हुए प्रदेश सरकार और बोर्ड के खिलाफ एक स्वर में जमकर नारेबाजी भी की।
केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला के नेतृत्व में तीर्थ पुरोहितों का कहना था कि सरकार द्वारा उनकी उपेक्षा की जा रही है। एक तरफ सरकार चारधाम के तीर्थ पुरोहितों व हक-हकूकधारियों के हितों की सुरक्षा की बात कर रही है। तो दूसरी तरफ देवस्थानम बोर्ड के नाम पर उन्हें हाशिए पर रख रही है।
कहा कि केदारनाथ में मूलभूत व्यवस्थाओं को जुटाने के बजाय सरकार का कोरोना काल में यात्रा संचालन पर जोर है, जो सही नहीं है। आंदोलनकारी तीर्थ पुरोहितों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
प्रदर्शन करने वालों में उमेद पोस्ती, रमाकांत शर्मा, तेज प्रकाश तिवारी, राजेंद्र तिवारी, नवीन पुरोहित, प्रवीन तिवारी, रमेश चंद्र पोस्ती, विमल तिवारी, मनोज त्रिवेदी आदि मौजूद थे।