जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत टिम्मरसैंण में अवस्थापना कार्य किए जा रहे हैं। गुफा तक जाने वाले करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल रास्ते का सुधारीकरण कार्य किया जा रहा है। सौंदर्यीकरण के काम भी किए जाएंगे। कार्य पूर्ण का लक्ष्य 2027 रखा गया है।
प्रसिद्धि बढ़ी तो देशभर से पहुंचने लगे श्रद्धालु
भारत-चीन सीमा क्षेत्र में नीती गांव में टिम्मरसैंण गुफा स्थित है। यूं तो वर्षों से यहां बर्फानी बाबा विराजते हैं, मगर पिछले कुछ वर्षों में बाबा बर्फानी की प्रसिद्धि काफी बढ़ी है, यही वजह है कि यहां के देश के विभिन्न कोनों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कई पर्यटक औली व अन्य पर्यटन स्थलों के सैर-सपाटे के बाद टिम्मरसैंण गुफा के दर्शन को भी पहुंच रहे हैं। दिल्ली के मयंक शर्मा और मृदुल का कहना है कि उन्होंने इस बार औली घूमने के साथ ही टिम्मरसैंण गुफा के दर्शन का कार्यक्रम बनाया। टिम्मरसैंण में गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन करने के साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य का भी करीब से दीदार किया।