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उत्तराखंड: कॉर्बेट पार्क से लाए गए बाघ को राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज के जंगल में छोड़ा

Sun, 10 Jan 2021 05:10 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
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tiger - फोटो : फाइल फोटो
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राजाजी टाइगर रिजर्व की ओर से दूसरे चरण में कॉर्बेट में पार्क रामनगर से लाए गए बाघ को शनिवार देर रात मोतीचूर रेंज के जंगल में छोड़ दिया गया। अब पार्क में टाइगरों की संख्या चार हो गई है। इस दौरान वनमंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और वन विभाग के बड़े अधिकारी शामिल रहे।

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शनिवार की सुबह पांच बजे रामनगर कॉर्बेट पार्क की ट्रांसलेकेशन टीम बाघ को लेकर राजाजी की मोतीचूर रेंज पहुंची। बाघ को यहां बनाए गए टाइगरबाड़े में रखा गया। दिनभर बाघ पर राजाजी टाईगर रिजर्व के पशुचिकित्सकों की टीम लगातार नजर रखती रही। बाघ ट्रांसलोकेशन की प्रक्रिया के तहत रेंज में पहले से मौजूद दो बाघिन के अलावा एक बाघिन को रामनगर से लाकर जंगल में छोड़ा जा चुका है। चिकित्सकों की जांच के बाद बाघ स्वास्थ होने की पुष्टि के बाद रात छह बजे जंगल में छोड़ दिया गया।

मोतीचूर रेंजर महेंद्र गिरी ने बताया कि बाघ को जंगल में छोड़ने के दौरान वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में तक बाघ की निगरानी की जाएगी। करीब पंद्रह दिन पहले कॉर्बेट पार्क से एक बाघिन को मोतीचूर रेंज में छोड़ा जा चुका है।
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इससे पहले राजाजी में दो बाघिन पहले से ही थीं, जिनमें एक का गायब है। अभी राजाजी में एक बाघ और दो बाघिन और आनी बाकी है। इससे पार्क में टाइगरों कुनबा बढ़ेगा। इस अवसर पर मुख्य वन्यजीव संरक्षक जेएस सुहाग, टाइगर रिजर्व के निदेशक डीके सिंह आदि उपस्थित थे। 

बता दें कि राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज को अगले आदेशों तक सैलानियों के लिए बंद कर दिया गया है। रेंज में बाघ शिफ्टिंग कार्य चलने के कारण एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है। इससे पहले एक बाघिन को भी कॉर्बेट पार्क से लाकर राजाजी टाइग रिजर्व में छोड़ा गया था। रेडियो कॉलर से उसकी निगरानी भी हो रही है।

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