चंपावत जिले में त्रिस्तरीय पंचायतों के 474 पदों पर 1404 प्रत्याशी मैदान में थे। लेकिन नोटिस के बावजूद 534 प्रत्याशियों ने खर्च का ब्योरा जमा नहीं कराया। प्रभारी सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव रावत ने बताया कि 870 प्रत्याशियों ने ही व्यय का विवरण जमा कराया गया है। अलबत्ता नोटिस के बावजूद खर्च विवरण जमा नहीं करने वालों पर आयोग के निर्देश के अनुरूप ही कार्यवाही की जाएगी।
पिछले चुनाव में बढ़ाई गई थी खर्च की सीमा
2019 में पंचायती चुनाव में खर्च की सीमा बढ़ाई गई थी। जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए खर्च सीमा 3.50 लाख रुपये रखी गई है। इसी तरह जिला पंचायत सदस्य और ब्लॉक प्रमुख के लिए 1.40-1.40 लाख, ज्येष्ठ उपप्रमुख के लिए 60 हजार, कनिष्ठ उपप्रमुख, बीडीसी सदस्य और प्रधान 50 हजार-50 हजार, उपप्रधान 30 हजार और ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 10 हजार रुपये खर्च की सीमा है।