वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उड़ीसा में मध्य प्रदेश से लाए गए बाघ को शिकारियों ने मार दिया था और बाघिन आदमखोर हो गई थी। इस बाघिन को सीमित क्षेत्र में रखा गया तो एनटीसीए ने आपत्ति जताते हुए ट्रांसलोकेशन की योजना को ही रद्द कर दिया था।
क्यों है राजाजी मेें ट्रांसलोकेशन की जरूरत
राजाजी नेशनल पार्क के पश्चिम भाग में सिर्फ दो बाघिन हैं और दोनों ही 18 वर्ष से अधिक उम्र की हैं। पूर्व भाग से पश्चिम का क्षेत्र सड़क मार्ग के कारण कटा हुआ है। राजाजी में करीब 37 बाघ बताए जाते हैं। ऐसे में कॉर्बेट से पांच बाघों को राजाजी के पश्चिम भाग में लाया जाना है।
राजाजी में छोड़े गए बाघ और बाघिन तेजी से अपने आपको नए आवास में ढाल रहे हैं। इसको देखते हुए अन्य तीन बाघों को ट्रांसलोकेट करने में एनटीसीए को कोई आपत्ति नहीं है। फिर भी थोड़ा इंतजार किया जा रहा है ताकि दोनों के व्यवहार आदि का पूरा जायजा लिया जा सके।
-जेएस सुहाग, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक