ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार के मतदाताओं ने एक बार फिर भारी संख्या में मतदान कर वोटिंग में अपनी बादशाहत कायम रखी है।
2012 के विधानसभा चुनाव में भी इन्हीं दोनों जिलों में सबसे ज्यादा मतदान हुआ था। वहीं अल्मोड़ा और टिहरी गढ़वाल में सबसे कम लोग वोट डालने के लिए घरों से निकले। वर्ष 2012 में भी अल्मोड़ा जिले में ही सबसे कम मतदान हुआ था।
बुधवार को प्रदेश की 69 सीटों के लिए मतदान हुआ। मतदान को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह देखा गया। प्रदेश में कुल 70 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
ऊधमसिंह नगर में 76.23 फीसदी मतदान हुआ। यह बेशक प्रदेश में सबसे ज्यादा हो लेकिन 2012 के विधानसभा चुनावों की तुलना में कम है। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां 77.98 फीसदी लोगों ने मतदान किया था। हरिद्वार में 2012 के विधानसभा चुनावों के समान ही 75.40 फीसदी लोगों ने वोट डाले।
उत्तरकाशी में 70.20, नैनीताल में 65.83, देहरादून में 63.76, चंपावत में 63.55, रुद्रप्रयाग में 62.46, पिथौरागढ़ में 62.13, बागेश्वर में 61.05, चमोली में 59.69, पौड़ी गढ़वाल में 54.89, टिहरी गढ़वाल में 54.01 और अल्मोड़ा जिले में कुल 52.59 फीसदी मतदान हुआ।
नैनीताल जिले में पिछले विधानसभा चुनाव में 68.27 लोगों ने मतदान किया था। वहीं पिथौरागढ़ में 62.31, अल्मोड़ा में 55.50, चंपावत में 60.67, बागेश्वर में 61.06, देहरादून में 66.84, पौड़ी में 57.74 और टिहरी गढ़वाल में 58.90 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।