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उत्तराखंडः टेली मेडिसन और रेडियोलॉजी सेवा का होगा विस्तार 

Tue, 14 Jan 2020 11:06 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • दुर्गम क्षेत्रों में तकनीकी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर फोकस
  • प्रदेश के चार मेडिकल कालेजों में बनाए जाएंगे टेली मेडिसन स्टूडियो 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में तकनीकी के माध्यम से आम लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए सरकार टेली मेडिसन और रेडियोलाजी सेवा का विस्तार करेगी। इससे पहले सरकार डॉक्टरों से मरीजों को मिल रहे लाभ और सुधार के लिए सुझाव लेगी। प्रदेश के चार राजकीय मेडिकल कालेज देहरादून, श्रीनगर, हल्द्वानी व अल्मोड़ा में टेली मेडिसन स्टूडियो बनाने के साथ ही दुर्गम क्षेत्रों के अस्पतालों को इनसे जोड़ा जाएगा। 

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सरकार का मानना है कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में जहां पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन क्षेत्रों में टेली मेडिसन और रेडियोलाजी के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। प्रदेश की विकट भौगोलिक परिस्थितियों के चलते कई दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में बीमार लोगों के लिए टेली मेडिसन सेवा कारगर साबित हो सकती है। इसके माध्यम से मरीज व उनके तीमारदारों को दुर्गम क्षेत्रों से बड़े अस्पतालों तक आने जाने की परेशानी से निजात मिल सकती है।

टेली मेडिसन और रेडियोलाजी सेवा से मरीज को घर के पास ही विशेषज्ञ डॉक्टरों के माध्यम से उपचार और आवश्यक जांच की सुविधा तुरंत मिल सकती है। सरकार प्रदेश में पहले से संचालित टेली मेडिसन व रेडियोलाजी सेवा के अनुभव और सुधार के लिए डॉक्टरों से सुझाव लेकर कार्य योजना बनाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का स्वास्थ्य सेवाओं में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर फोकस है।
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प्रदेश में यहां हैं टेली मेडिसन व रेडियोलाजी की सुविधा

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्तमुनि, भिकियासैंण, नौगांव, औखलकांडा में टेली मेडिसन सेवा संचालित है। पिछले एक साल में यहां पर 5169 मरीजों का टेली मेडिसन सेवा के माध्यम से इलाज किया गया हैं। वहीं, प्रदेश में 35 प्रमुख अस्पतालों में टेली रेडियोलाजी की सेवा शुरू की गई। इससे मरीजों को एक्सरे, ईसीजी, सीटी स्कैन, एमआरआई, मैमोग्राफी समेत तमाम जांच विशेषज्ञ रेडियोलाजिस्ट के माध्यम से की जा रही है। इस सेवा का 85 हजार मरीजों को लाभ मिला है। 

प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों और रेडियोलाजिस्ट की कमी है। दुर्गम क्षेत्रों में जहां पर स्वास्थ्य सुविधा का अभाव है। वहां पर टेली मेडिसन और रेडियोलाजी सेवा से मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों का परामर्श व बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकती है। जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को कई दिनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। - डॉ. आरके पांडे, पूर्व महानिदेशक, स्वास्थ्य

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