19 जून 2018 को कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित कर याची को बतौर सहायक परीक्षा नियंत्रक और सहायक कुलसचिव के रूप में कार्य करने देने और वेतन देने के आदेश दिए थे। कुलसचिव ने 8 जून 2018 को विवि का कार्य करने से रोक दिया था। कोर्ट ने 20 जून 2018 को कुलसचिव के इस आदेश को भी स्थगित किया था।
कुलपति और कुलसचिव ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। इस पर कोर्ट ने अवमानना याचिका के साथ ही याची की रिट याचिका पर भी सुनवाई की। कोर्ट ने विवि के 6 सितंबर 2017 के आदेश को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत मानते हुए निरस्त किया। सुनवाई अब 11 अक्टूबर को होगी।