उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार प्रदेश की रणजी टीम 20 सितंबर को अपना पहला रणजी मुकाबला खेलने के लिए मैदान पर उतरेगी।
सामने बिहार की टीम है जो तकरीबन इतने ही सालों बाद रणजी क्रिकेट में वापसी कर रही है। उत्तराखंड के मुकाबले बिहार की टीम मजबूत मानी जा रही है। हालांकि युवा जोश और अनुभव के कॉकटेल से तैयार टीम उत्तराखंड में विपक्षी टीमों को कड़ी टक्कर देने का मद्दा है।
रविवार देर शाम गुजरात पहुंचे टीम मैनेजर दीपक मेहरा ने बताया कि हमें अपने खिलाड़ियों पर भरोसा है। टीम गुजरात में अपने प्रदर्शन से कामयाबी की नई इबारत लिखेंगे। प्लेट ग्रुप में शामिल उत्तराखंड को आठ मैच खेलने हैं। ग्रुप में शीर्ष पर रहने वाली टीम ही क्वाटर फाइनल में जाएगी। टीम के चयन को लेकर कई सवाल उठे हैं, लेकिन टीम गठन के बाद इन सवालों का मतलब नहीं रह जाता है। क्योंकि प्रदेश का हर क्रिकेट प्रेमी टीम को जीतते हुए देखना चाहता है। अनुभव की जहां तक बात हैं तो कोच भाष्कर पिल्लई उत्तराखंड से पहले दिल्ली के कोच रह चुके हैं।
उनके ही प्रशिक्षण में दिल्ली की टीम पिछले साल कई वर्षों बाद फाइनल तक पहुंची। उनके व्यक्तिगत रिकार्ड की बात की जाए तो भाष्कर के नाम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में नाबाद दोहरे शतक के साथ 52.84 की औसत से 5443 रन उनके नाम दर्ज हैं। टीम के कप्तान रजत भाटिया के नाम 104 प्रथम श्रेणी मैच दर्ज हैं। इतने मैचों में उन्होंने जहां 131 विकेट लिए हैं, वहीं 45.17 की औसत से 5782 रन भी बनाए हैं। उपकप्तान विनीत सक्सेना ने 15 शतक के साथ 7092 रन प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बनाए हैं। उड़ीसा के लिए 11 प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले सौरभ की गिनती देश के अच्छे विकेटकीपर बल्लेबाजों में होती है। दाएं हाथ के ऑफ ब्रेक गेंदबाज रंगराजन स्पिन विभाग संभालेंगे। रंगराजन के नाम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 119 विकेट हैं।