ओम बधाणी ने बताया कि 14 गीतों की इस श्रृंखला के माध्यम से बच्चों को उत्तराखंड राज्य के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व वीर सपूतों, वन्यजीवों व वनस्पतियों, नदियों, पर्वत श्रृंखलाओं, ताल व झीलों, धार्मिक स्थलों, जनजातियों, मेले, ग्लेशियरों, दर्रों, पर्यटन स्थलों आदि की जानकारी मिल सकेगी।
कविता संग्रह ‘आखर’ का होगा लोकार्पण
गढ़वाली की पहली कवियत्रि विद्यावती डोभाल को समर्पित वृहद कविता संग्रह ‘आखर’ का शीघ्र लोकार्पण किया जाएगा। आखर समिति के अध्यक्ष व गढ़वाली भाषा के लेखक शिक्षक संदीप रावत एवं सूरत (गुजरात) में रहने वाले युवा साहित्यकार गीतेश नेगी के संपादन में गढ़वाली कवियत्रियों की कविताओं का पहला संकलन आखर नाम से प्रकाशित किया जा चुका है।