उत्तराखंड चाय बोर्ड के नौटी बागान की दो हजार, 800 किलो चायपत्ती ईरान, ईराक और रूस पहुंच गई है। इस खेप से उत्तराखंड चाय बोर्ड के नौटी बागान को 4 लाख, 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है। बोर्ड अब दूसरी खेप की पैकिंग की तैयारियों में लगा है।
156 हेक्टेयर वाले नौटी चाय बागान के नौ बगीचों से चुनी गई 2 हजार, 800 किलो ऑर्थोडॉक्स ब्लैक-टी अपने खास स्वाद और खुशबू के लिए प्रसिद्ध है। इस चायपत्ती की प्रदेश या देश में ही नहीं वरन विदेशों में भी डिमांड है।
बगीचों से चुनकर भटोली यूनिट में तैयार की गई चायपत्ती की विदेशों को भेजी गई अभी तक की सबसे बड़ी खेप है। चाय बोर्ड के अनुसार भेजी गई खेप में 1400 किलो चायपत्ती 170 रुपये प्रतिकिलो और 1400 किलो चायपत्ती 130 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से भेजी गई।
दूसरी खेप की तैयारी
बोर्ड की मानें तो भटोली यूनिट में इन दिनों लगभग दो हजार किलो की दूसरी खेप की तैयारी की जा रही है। कोलकाता से चायपत्ती की खेप पैरामाउंट ब्रोकर्स कंपनी के माध्यम से ईरान, ईराक और रूस देश की कंपनियों को उनकी मांग के अनुसार बेची गई।
इस वर्ष जुलाई माह में पैरामाउंट ब्रोकर्स कंपनी ने उत्तराखंड चाय बोर्ड से कोलकाता को चायपत्ती के सैंपल भेजने को कहा था। सैंपल पास होने पर सितंबर माह के पहले सप्ताह में पहला लॉट भेजने को कहा गया। बोर्ड की ओर से एलूमिनियम की परत वाले 10 से 20 किलो के विशेष डब्बों में चायपत्ती पैक कर टनकपुर के रास्ते कोलकाता भेजी गई।
उत्पादन हो जाएगा दुगना
उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड ने थराली, पोखरी और जखोली में भी 25 हेक्टेयर में 5 से 7 लाख चायपत्ती के पौधे रोपें हैं। आगामी पांच वर्षों में इन बागानों से चायपत्ती का दोगना उत्पादन शुरू हो जाएगा।