बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड ने अभी तक विभिन्न स्थानों पर कुल 1387 हेक्टेयर क्षेत्रफल में चाय प्लांटेशन किया है। पर्वतीय जिले बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी के 28 विकासखंडों में स्वयं संचालित योजना, स्पेशल कंपोनेंट प्लान, मनरेगा के तहत चाय विकास कार्यक्रम संचालित कर 1387 हेक्टेयर भूमि में सफलतापूर्वक चाय प्लांटेशन किया जा चुका है। जिसमें अनुमानित 4,000 श्रमिक काम कर रहे हैं। इनमें भी 70 प्रतिशत महिलाएं हैं।
उत्तराखंड टी ब्रांड से बेची जा रही है चाय
बोर्ड जो चाय तैयार कर रहा है, उसे बाजार में उत्तराखंड टी ब्रांड नेम से रजिस्टर कर बेचा जा रहा है। बोर्ड ने जैविक, अजैविक आर्थोडोक्स, ब्लैक व ग्रीन टी तैयार की है। ये चाय स्थानीय स्तर पर स्वयं के शो-रूम, दुकानदारों, पोस्टल सेवा एवं कोलकाता ऑक्सन हाउस के माध्यम से बेची जा रही है। चाय की बिक्री बढ़ाने व अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने और शासकीय कैंटीनों व अन्य संस्थानों में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराने के प्रयास करने को कहा गया है।