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उत्तराखंड: राज्य कर विभाग ने काशीपुर जोन से पकड़ी 1.50 करोड़ की कर चोरी

Mon, 30 Dec 2019 08:47 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • कुमाऊं के काशीपुर जोन के 14 होटल, रिसोर्ट संचालकों ने फाइल नहीं किया रिटर्न
  • कुछ ने पिछले साल की तुलना में कम रिटर्न किया फाइल
  • कर विभाग के 20 अधिकारियों ने दो दिन की छापेमारी, कर वसूला
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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राज्य कर विभाग ने प्रदेश में जीएसटी लागू होने के बाद से काशीपुर जोन के तहत आने वाले 14 होटल/ रिसोर्ट से डेढ़ करोड़ की कर चोरी पकड़ी है। इनमें से कुछ इकाइयां रिटर्न फाइल नहीं कर रहीं थीं और कुछ ने पिछले साल की तुलना में कम जीएसटी फाइल किया। राज्य कर विभाग की नौ टीमों ने 27 और 28 दिसंबर को छापेमारी करके यह कर चोरी पकड़ी और इनसे डेढ़ करोड़ रुपये का जीएसटी वसूला। 

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राज्य कर आयुक्त सौजन्या के मुताबिक  कि काशीपुर जोन के कई रिसोर्ट और होटल मालिक रिटर्न 3बी दाखिल नहीं कर रहें हैं। इस पर अपर आयुक्त काशीपुर बीएस नग्याल, संयुक्त आयुक्त हल्द्वानी पीएस डुंगरियाल के निर्देशन में करीब नौ टीमों के 20 अधिकारियों ने छापेमारी की।

 

एक माह तक इस मामले की जांच की गई तो पाया गया कि कई संचालक पिछले सालों की तुलना में कम कर जमा कर रहे हैं। सर्वे के आधार पर करीब 12 करोड़ रुपये के टर्नओवर पर 1.50 करोड़ रुपये का टैक्स स्वीकार किया गया। राज्य कर आयुक्त के मुताबिक सर्वे में कुछ होटलों और रिसोर्ट के व्यापारिक दस्तावेज भी सीज किए गए। इनकी जांच की जा रही है। इसकी जांच के बाद टर्नओवर और कर में इजाफा होने की संभावना है। 

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अन्य होटल, रिसोर्ट पर भी है निगाह 

राज्य कर आयुक्त सौजन्या का कहना है कि कर चोरी करने वाले और रिटर्न समय से फाइल करने के मामले में कुछ अन्य होटलों और रिसोर्ट की भी जांच की जा सकती है। ये कुछ होटल और रिसोर्ट की निगरानी की जा रही है। करदाताओं को बार बार बताया जा रहा है कि जीएसटी रिटर्न अगर समय से जमा नहीं किए जाते और रिटर्न फाइल नहीं किया जाता तो कार्रवाई होगी। 

पहले भी पकड़ी गई थीं कागजाें पर चल रही फर्में 
राज्य कर विभाग ने कुछ दिन पहले ही सिर्फ कागजों पर चल रहीं करीब 51 फर्मों के संचालन का खुलासा भी किया था। राज्य कर आयुक्त के मुताबिक इस मामले में जांच जारी है। ये फर्में दिल्ली और हरियाणा की थीं और सत्यापन में पाया गया था कि इनका एक भी कार्यालय उत्तराखंड में नहीं हैं।
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