देहरादून में प्रदेश की पहली ई-कलेक्ट्रेट व्यवस्था शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास से इसका उद्घाटन किया। इससे लोगों को अब फाइलों और शिकायतों के निस्तारण के लिए डीएम कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्होंने डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव की पहल की सराहना करते हुए व्यवस्था को प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू करने की बात कही।
जिलाधिकारी ने बताया कि पहले दिन सात फाइलों को ई-कलेक्ट्रेट व्यवस्था के तहत निपटाया गया। इसमें ज्यादातर मामले आपदा से संबंधित थे। ई-कलेक्ट्रेट को लेकर 15 जून से ट्रॉयल शुरू किया गया था। इसके सफल रहने पर तय समय से एक सप्ताह पहले शुरू कर दिया है। उधर, कर्मचारी भी ई-कलेक्ट्रेट व्यवस्था लागू होने से खुश हैं। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से उनका काम आसान हो गया है। वह अब कहीं से भी अपना काम कर सकेंगे। एमडीडीए उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी के दौरान डीएम एमडीडीए में भी ई-फाइलिंग और ई-मैप अप्रूवल व्यवस्था लागू कर चुके हैं।
यह होगा लाभ
ई-फाइलिंग से शासन की फाइलों की फील्ड मैनेजमेंट, मानव संसाधन, पब्लिक ग्रिवांस सिस्टम, छुट्टी, चरित्र प्रविष्टियां आदि में तेजी आएगी। कौन सी फाइल कहां रुकी है? उसके क्या कारण है? आदि जानकारी भी आसानी से मिलेगी। इससे लोगों को अपने काम को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा। उन्हें घर बैठे अपनी फाइल और स्टेटस की जानकारी मिल जाएगी। साथ ही कर्मचारियों और अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय हो जाएगी।
ई-कलेक्ट्रेट व्यवस्था लागू होने से डीएम कार्यालय में काम करने का तरीका बदल जाएगा। इससे लोगों को ही नहीं अधिकारियों और कर्मचारियों को राहत मिलेगी। इससे जहां कार्य में पारदर्शिता आएगी, वहीं अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जवाबदेही तय होगी।
-डॉ. अशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी