राकेश चंद्र ने बताया कि गुलदार घर में कैसे गया और बाहर कैसे आया इसका पता ही नहीं चल पाया। कहा कि डांग समेत अन्य क्षेत्रों में शीतकाल में गुलदार बस्ती के नजदीक आ जाता है।
पिछले साल एक शावक एक घर के गोदाम में फंस गया था जबकि एक गुलदार डांग से सटे कमलेश्वर में एक घर में घुस गया था। इसे पिंजरे में कैद किया गया था। डेढ़ साल पूर्व मेडिकल कॉलेज श्रीकोट मेें भी गुलदार घुस गया था, जो 52 घंटे बाद गोली का शिकार बना था।
वन विभाग से इस संबंध में बात हुई है। गुलदार से लोगों को खतरा बना हुआ है। गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने के लिए कहा गया है।
- रविंद्र बिष्ट, एसडीएम श्रीनगर।