अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में निरीक्षण के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों के सवालों पर सोमवार को खेल मंत्री तिलमिला गए। आपा खो बैठे शिक्षा मंत्री ने सवाल करने वाले को कांग्रेस का एजेंट कहा तोे प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद पत्रकारों ने कड़ी आपत्ति जताई। इसके बाद खेल मंत्री प्रेस कांफ्रेंस छोड़कर चलते बने।
खेल मंत्री बनने के बाद अरविंद पांडे पहली बार हल्द्वानी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के बाद जब प्रेस कांफ्रेंस शुरू हुई तो खेल मंत्री पहले तो सभी पत्रकारों से राष्ट्रीय खेल से जुड़े सवाल कर उनके ‘ज्ञान’ की परीक्षा लेने लगे। जब पत्रकारों ने अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में इंडोर स्टेडियम और हल्द्वानी स्टेडियम में खेल सुविधाओं के बजट के अभाव में रुके होने का सवाल किया तो उन्होंने कहा तुम्हें भी आने में नौ महीने लगे होंगे। इतने बड़े होने में भी बीस साल का समय लगा होगा।
डेढ़ साल में कोई भी अवस्थापना नहीं कर सकता... मैं भी नहीं कर सकता हूं। अगर तुम मेरी जगह होते तो तुम भी नहीं कर पाते। जब उनसे कहा गया कि आप ने क्या किया है? आधे से ज्यादा काम तो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने किए हैं तो खेल मंत्री तिलमिला गए। उन्होंने जवाब देने की जगह सवाल करने वाले से पूछा कि तुम कांग्रेेस या भाजपा के एजेंट हो। एजेंट की बात सुन प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद पत्रकारों ने आपत्ति जताई और कहा कि यह तरीका ठीक नहीं है। इसके बाद शिक्षा मंत्री प्रेस कांफ्रेंस छोड़कर निकल गए।