यह भी बताया गया कि उन्हें हेलीकॉप्टर से दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा है। विजय नाथ ने बताया कि जब लखनऊ निवासी उनके जीजा ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि दीवान नाथ गोस्वामी शहीद हो गए हैं। बाद में मेघालय के कमांडेंट ने भी फोन पर उनके शहीद होने की खबर दी।
शहादत की खबर सुनते ही दीवान की मां पार्वती देवी, पत्नी गीता बदहवास हो गईं। मूल रूप से गरमपानी निवासी दीवान सात भाई-बहनों में तीसरे नंबर के थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां आराध्या (5) और इशिका (2) हैं। उनके बड़े भाई गोपाल नाथ गोस्वामी कुमाऊंविश्वविद्यालय नैनीताल में कार्यरत हैं।
छोटा भाई विजय नाथ गोस्वामी उत्तराखंड पुलिस में है और वर्तमान में अल्मोड़ा कोतवाली में तैनात है। शहीद की मौत की सूचना पर उनकी शादीशुदा बहनें पदमा, पुष्पा, तारा, प्रेमा भी गांव पहुंच गईं हैं। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए लोगों का जमावड़ा उनके घर पर लगा हुआ है।