शिक्षक भर्ती के कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि मध्य प्रदेश से डीएलएड करने वाले भी नियुक्ति पा चुके हैं। जबकि मध्य प्रदेश में डीएलएड करने के लिए स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
प्रदेश के 1670 पदों के लिए हुई भर्ती में कुछ अभ्यर्थियों के गलत तरीके से नियुक्ति पा लेने का आरोप लगा है। कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि यूपी और मध्य प्रदेश से डीएलएड करने वालों को भी नियुक्ति पत्र दे दिए गए हैं।
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शिक्षक भर्ती के कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि मध्य प्रदेश से डीएलएड करने वाले भी नियुक्ति पा चुके हैं। जबकि मध्य प्रदेश में डीएलएड करने के लिए स्थायी निवासी (डोमिसाइल) होना अनिवार्य है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब इन अभ्यर्थियों ने मध्य प्रदेश में डीएलएड में प्रवेश के समय वहां का स्थायी निवासी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया, तो वे उत्तराखंड के निवासी होकर इस भर्ती में पात्र कैसे माने गए। यह मामला भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल है। प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती में इससे पहले कुछ ऐसे अभ्यर्थी नियुक्ति पा चुके हैं, जिन्होंने यूपी से डीएलएड किया है। विभाग ने प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे लेकिन अब तक संबंधित के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई है।