उन्होंने बताया कि छह से सात हजार की फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस समय सेब के बागानों में फ्लोरिंग का समय होता है, जिसके लिए संतुलित तापमान आवश्यक होता है। ऐसे में तापमान में अचानक गिरावट और बर्फबारी से सेब उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।