शासन ने एक ही परिसर या फिर आसपास संचालित हो रहीं छह आईटीआई को दूसरी आईटीआई में मर्ज करने का फैसला किया है। मर्ज होने वाली आईटीआई के अनुदेशक तो उन्हीं आईटीआई में समायोजित किए जाएंगे लेकिन प्रधानाचार्यों को दूसरी आईटीआई में रिक्त स्थानों पर भेजा जाएगा। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रदेश में 93 आईटीआई संचालित हो रही हैं। इनमें से 50 से अधिक आईटीआई ऐसी हैं जिनमें प्रधानाचार्य के पद रिक्त हैं। इसके अलावा कुछ ही दूरी पर आईटीआई खोले जाने के कारण इनमें छात्रों की संख्या भी कम ही रहती है। ऐसी आईटीआई को दूसरी आईटीआई में मर्ज कर संसाधन बढ़ाए जाएंगे। इस संबंध में कैबिनेट ने भी प्रस्ताव पास कर दिया है।
प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय के मुताबिक महिला आईटीआई हल्द्वानी को आईटीआई (युवक) हल्द्वानी में, महिला आईटीआई काशीपुर को आईटीआई (युवक) काशीपुर में, आईटीआई बौराड़ी को आईटीआई टिहरी में, आईटीआई सितारगंज विशिष्ट को आईटीआई सितारगंज में, आईटीआई अस्कोट को आईटीआई धारचूला में तथा आईटीआई लोअर बाजार और श्रीनगर आईटीआई को मर्ज किया जाएगा। इसको लेकर निदेशालय में अधिकारी प्रधानाचार्यों और अनुदेशकों की तैनाती को लेकर कवायद में जुटे हैं।
छोटी आईटीआई को दूसरी प्रमुख आईटीआई में मर्ज करने का फैसला सुधार की दृष्टि से लिया गया है। शासन का प्रयास है कि आईटीआई में युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था मुहैया कराई जा सके ताकि उन्हें उद्योगों में आसानी से रोजगार मिल सके।
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अहमद इकबाल, निदेशक, प्रशिक्षण विभाग