प्रदेश में चल रहे एसआईआर पर आपत्तियों के विवाद के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने तीन जिलों हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर व नैनीताल में नौ आईएएस-पीसीएस को पर्यवेक्षक तैनात किया है। ये एसआईआर पर दावे व आपत्तियों के निराकरण की निगरानी करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आदेश के अनुसार पर्यवेक्षक संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया, जिसमें नोटिस वितरण, तामीली एवं सुनवाई की निगरानी करने के साथ ही चुनाव आयोग की ओर से निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगे।
इन अधिकारियों को अपने दैनिक निरीक्षण की आख्या संबंधित मंडलायुक्त के माध्यम से मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को सप्ताह में दो बार प्रस्तुत करनी होगी। इसके लिए मैन्युअल ऑन इलेक्टोरल रोल 2023 के तहत निर्धारित पुनरीक्षण प्रक्रिया एवं रिपोर्टिंग प्रारूप का अनुपालन किया जाएगा। आदेश के अनुसार निर्धारित पुनरीक्षण अवधि तक नामित अधिकारी आयोग के नियंत्रण, पर्यवेक्षण एवं अनुशासन के अधीन रहेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
किस जिले में किसे जिम्मेदारी
हरिद्वार : हरिद्वार, बीएचईएल रानीपुर और ज्वालापुर विधानसभा में जीएमवीएनए के एमडी संदीप तिवारी। भगवानपुर, पिरान कलियर व रुड़की में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र, झबरेड़ा, खानपुर व मंगलौर में मुख्य नगर आयुक्त हरिद्वार नंदन कुमार। लक्सर व हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा में नगर आयुक्त रुड़की गोपाल राम बिनवाल।
नैनीताल : लालकुआं और हल्द्वानी विधानसभा में निदेशक कौशल विकास संजय कुमार।
ऊधमसिंह नगर : जसपुर व काशीपुर में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का, बाजपुर व गदरपुर में उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, रुद्रपुर, किच्छा व सितारगंज में केएमवीएन के एमडी विनीत तोमर और नानकमत्ता व खटीमा में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी।