अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने की प्रेस वार्ता
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उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 98 प्रतिशत मतदाताओं को गणना प्रपत्र बांटे जा चुके हैं। इनमें से 12 प्रतिशत को बीएलओ एप पर डिजिटाइज भी कर दिया गया है। सात जुलाई तक सभी गणना प्रपत्रों का वितरण व संकलन करने के एक सप्ताह में बूथों का पुनर्गठन किया जाएगा।
बुधवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने प्रेस वार्ता में बताया कि पांच जिलों चंपावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी में 99 प्रतिशत से अधिक फार्म वितरित हो चुके हैं। सबसे कम प्रगति वाले जिलों देहरादून में लगभग 95 प्रतिशत, नैनीताल में 96 प्रतिशत, नैनीताल और टिहरी में 97 प्रतिशत फार्म का वितरण किया जा चुका है।
आज मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजनीतिक दलों के साथ करेंगे बैठक
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में गणना फार्म को डिजिटाइज करने में अल्मोड़ा 33 प्रतिशत, पौड़ी 25 प्रतिशत, पिथौरागढ़ 23 प्रतिशत के साथ शीर्ष स्थान पर हैं। साथ ही नैनीताल में चार प्रतिशत, देहरादून में सात प्रतिशत और ऊधमसिंह नगर में आठ प्रतिशत ही फार्म डिजिटाइज हुए हैं। डॉ. जोगदंडे ने बताया कि सभी जिलों को इस अभियान को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में 22,900 बूथ लेवल एजेंट तैनात हैं। 18 जून को मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजनीतिक दलों के साथ बैठक करेंगे।
सात जुलाई तक जमा होंगे गणना प्रपत्र सात जुलाई तक गणना फार्म के वितरण और संकलन के बाद एक सप्ताह में बूथों का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। इसके साथ ही 14 जुलाई से 13 अगस्त के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। 14 जुलाई से 11 सितंबर तक सभी नोटिस जारी कर दावे-आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।