महिला के अनुसार इस मामले की शुरुआत विधायक के घर से हुई। नवंबर-दिसंबर 2018 को महिला की मां की तबीयत खराब थी। विधायक उनके पड़ोसी थे तो उनसे इस बात का जिक्र किया। बताया कि उनकी मां का इलाज भाप की मशीन से होना है। इस पर विधायक ने कहा कि यह उनके पास है लिहाजा, वह अपनी मां को उनके घर ले आए।
महिला के अनुसार वह अपनी मां को विधायक के घर ले गई। इसी बीच मौका पाकर विधायक ने उसे कमरे के बाहर बुलाया और छेड़छाड़ की। उसने कहा कि दिसंबर में उसकी शादी है वह बदनाम हो जाएगी। तब विधायक ने कहा कि वह सब देख लेगा। इसके बाद विधायक ने उस वक्त की सीसीटीवी फुटेज अपने पास रख ली और बार बार उन्हें दिखाकर दुष्कर्म करते रहे।
गर्भावस्था की जांच के दौरान भी थे विधायक मौजूद
महिला का आरोप है कि शादी के बाद विधायक के कहने पर ही उसने पति व उनके घरवालों के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस किया। इस पर पति ने इसका कारण पूछा तो उसने सारी बात बता दी। यह जानकर पति ने भी उनसे संबंध तोड़ दिया।
इसके बाद वह विधायक के साथ अल्मोड़ा, हिमाचल, दिल्ली समेत कई स्थानों पर गई। आरोप है कि वहां विधायक ने उससे दुष्कर्म किया। इसके बाद जब वह गर्भवती हो गई तो विधायक ने ही गर्भावस्था की जांच एक अस्पताल में करवाई। तब तक विधायक सब कुछ संभालने की बात कहते रहते थे। इसके बाद जब बेटी हुई तो किनारा कर लिया।
पिछले महीने विधायक की पत्नी ने महिला के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया गया है कि महिला विधायक से संबंध होने की बात करके उनसे पांच करोड़ रुपये मांग रही है।
महिला ने अपनी बच्ची को भी विधायक की ही बताया था। इधर मुकदमा दर्ज हुआ और उधर शाम तक महिला भी खुले तौर पर विधायक के खिलाफ सोशल मीडिया पर आ गई। उसने विधायक पर गंभीर आरोप लगाए और बच्ची का डीएनए विधायक से मैच कराने की मांग की थी।
मामले की जांच पहले नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस कर रही थी, मगर बाद में इसे सीओ सदर को दे दिया गया था। इस मामले में राज्य महिला आयोग और बाल आयोग ने भी पुलिस को रिपोर्ट देने के लिए कहा था।
विधायक महेश नेगी के मामले में सरकार और संगठन के दबाव को लेकर कांग्रेस के आरोप पर प्रदेश भाजपा ने पलट वार किया है। पार्टी ने साफ किया कि इस मामले में सरकार और संगठन का कोई दबाव नहीं है। इस मामले पर पार्टी का रुख एकदम साफ है। पार्टी ने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत पहले ही कह चुके हैं कि विधायक प्रकरण जांच के दायरे में है। जांच से जो होगा सामने आएगा। उसके आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा। यही स्थिति आज भी है।
कांग्रेस नेता राजनीति कर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। सरकार व भाजपा संगठन के खिलाफ अनर्गल बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि न तो इस मामले में सरकार किसी पर कोई दबाव डाल रही है और न संगठन। विधानसभा अध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि विधायक के मामले में किसी कार्यवाही के लिए उनसे पूछने की जरूरत नहीं है।