एयरपोर्ट बनाने में ज्यादा खर्चा आता है, लेकिन सी प्लेन के लिए आधारभूत ढांचा खड़ा करने में बेहद कम खर्च आता है। हालांकि सी प्लेन की यात्री संख्या बेहत सीमिति होती है। सी प्लेन की खासियत यह है कि यह जमीन और पानी कहीं से भी उड़ान भर सकता है। साथ ही कहीं जमीन और पानी दोनों जगहों पर इसकी लैंडिंग हो सकती है।
महज 100 मीटर लंबाई वाले जलाशयों में भी सी प्लेन लैंड कराया जा सकता है। नानकमत्ता और गुलरभोज जलाशय में जल्द ही सी प्लेन सेवा शुरू होगी। इस सेवा के संचालन के संबंध में उत्तराखंड सरकार, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच पूर्व में हुए समझौते के क्रम में सी प्लेन सेवा शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है।
सरकारी स्कूलों को मिलेगी सीबीएसई की मान्यता : पांडेय
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि प्रदेश के शत प्रतिशत सरकारी स्कूलों को सीबीएसई की मान्यता दिलाई जाएगी। सरकारी सिस्टम पर जनता भरोसा करे इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में अभिभावक महंगी फीस देता ताकि बच्चे इंग्लिश पढ़ें। वह चाहते हैं कि यह सुविधा हम सरकारी स्कूलों में दें। 20 साल में जहां शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड फिसड्डी होता जा रहा था।
आज वह नीति आयोग के सर्वे में फिसड्डी से चौथे स्थान पर आया है। इसका मतलब हमने शिक्षा की गुणवत्ता पर काम किया है। जहां पहले सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या कम होती थी। वह छात्र संख्या आज बढ़ी है। केवल एक साल में 56 हजार 172 छात्र संख्या बढ़ी है। जहां पहले पहाड़ में शिक्षकों के लिए आंदोलन होते थे। वहां उन्होंने शिक्षकों की तैनाती का काम किया है।